
कोटा. 20 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा, अगले दिन 21 मार्च को होली खेली जाएगी। शहरभर में होली की तैयारियां हैं। होलिका दहन करने वाली संस्थाएं होलिका दहन की तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। यूं तो होली से एक माह पहले होली का डांडा रोपा जाता है, लेकिन होली डांडा रोपने के दौरान हम अनजाने में कई ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे ग्रह हमसे नाराज हो जाते हैं और इसका सीधा असर हमारी जिंदगी पर पर पड़ता है। आपको बता दें, होला का डंाडे से ग्रहों का गहरा संबंध है। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो पेड़ काटकर डांडा रोपने की यह गलती ग्रहों को रुष्ठ कर सकती है और काटने वाले ग्रहों के कोप का भाजन भी बन सकते हैं।
इन पेड़ों से ग्रहों का है गहरा नाता
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो आक व बिल्व पत्र का पेड़ काटने पर सूर्य रूष्ठ होता है। इसी तरह पलाश का पेड़ काटने पर चन्द्रमा, अनंत मूल या खेर-मंगल, विधारा या आंधी झाड़ा काटने पर बुध, केल, भृंगराज, पीपल व बड़ काटे तो बृहस्पति तथा नीम, बबूल, बिछोल खेजड़ी काटने पर शनि और चंदन व दोब को नुकसान पहुंचान पर राहु, असगंध व कुषा पेड़ काटने पर केतु की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
ग्रह ऐसे कर सकते हैं आप को प्रभावित
कोई भी शास्त्र हरे पेड़ को काटने की अनुमति नहीं देता। हरे पेड़ को काटना एक हत्या के समान बताया गया है। दाधीच ने बताया कि हर पेड़ का सम्बन्ध किसी न किसी ग्रह से होता है। हर पेड़ का स्वामी कोई ग्रह है। इस कारण पेड को काटने से ग्रह रूठ जाते हैं।
ये दे सकते हैं तकलीफ
सूर्य से संबंधित पेड़ काटने पर श्वास व फेफड़ों से संबंधित रोग होने से आपकों परेशानी हो सकती है। इसके अलावा चन्द्रमा मन के विकार, चिंता, अवसाद दे सकता है। मंगल के नाराज होने पर कोई घटना घटने की आशंका रहती है। बुध वाणी को अनियंत्रित व बुद्धि को भ्रमित कर सकता है। बृहस्पति चिंता, परेशानी दे सकता है। इसी तरह शुक्र से संबंधित पेड़ काटने पर दाम्पत्य जीवन में खटास, शनि से संबंधित पेड़ काटने पर दुर्घटना की आशंका, राहु व केतु रक्त विकार, चर्म विकार, उदर विकार समेत अन्य रोग दे सकता है।