केन्द्रों पर रखे लहसुन से उठने लगी दुर्गंध ,बारिश और फिर गर्मी होने से आ रही सड़ांध
कोटा. बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत हाड़ौती में 3257 रुपए प्रति क्विंटल के भाव में किसानों से खरीदा लहसुन अब अधिकारियों के लिए गलफांस बनता जा रहा है। खरीदे गए लहसुन का दिल्ली की आजादपुर मंडी में उचित भाव नहीं लग रहा। वहां एक सप्ताह पहले भेजे लहसुन भरे 25 ट्रक खड़े हुए हैं, वहीं करीब एक लाख क्विंटल लहसुन हाड़ौती की विभिन्न मंडियों के खरीद केंद्रों पर पड़ा है। बारिश आने और वापस गर्मी पडऩे से यह लहसुन अब सड़ांध मारने लगा है। इसके चलते मंडी व्यापारी बार-बार खरीद केंद्र प्रभारियों से लहसुन का उठाव कराने की मांग कर रहे हैं, वहीं खरीद केंद्र प्रभारी भी लहसुन के उठाव के लिए राजफैड के उच्चाधिकारियों को सूचित कर रहे हैं, लेकिन उच्चाधिकारी पीछे हट रहे हैं।
पिछले दिनों सुल्तानपुर में एक किसान की ओर से कलक्टर की कार के सामने लेटने के बाद जिला कलक्टर ने राजफैड अधिकारियों को गौण मंडी में रखे लहसुन के कट्टों का उठाव कराने के निर्देश दिए थे। निर्देश की पालना में राजफैड ने कट्टों का उठाव तो कराकर दिल्ली भेज दिया, लेकिन वहां लहसुन 4-5 रुपए किलो बोला जा रहा है। इस भाव में अधिकारी बेचने को तैयार हो नहीं रहे। एेसे में अब यह लहसुन अधिकारियों के गले पड़ गया है।
हाड़ौती में खरीदा 4.96 लाख क्विंटल
राजफैड ने हाड़ौती के 15 खरीद केंद्रों पर मंगलवार तक 4 लाख 96 हजार 896 क्विंटल लहसुन खरीदा। योजना से हाड़ौती के 13 हजार 702 किसानों को लाभांवित किया है, नौ जून से पहले तक लहसुन बेचने वाले किसानों का भुगतान किया जा चुका है।
30 जून तक होगी लहसुन खरीद
बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत लहसुन खरीद की तिथि को लेकर किसानों में बने संशय को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि लहसुन खरीद 30 जून तक होगी। गौरतलब है कि सीएम मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति में 30 जून तक खरीद के निर्देश दिए गए थे। इधर, सांसद ओम बिरला ने लहसुन खरीद सुचारू रखने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। बिरला ने मुख्यमंत्री के पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान लहसुन खरीद का जिक्र किया।
Read More:सीएम राजे ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं