
कोटा . जिस मां ने बेटे को जन्म दिया वह उसे महज 11 माह का छोड़कर चली गई। जबकि दूसरी मां ने उस बेटे को यशोदा बनकर पाला। बेटा 8 साल पहले करंट से गंभीर झुलसा तो मां का कलेजा फट गया। झुलसी हालत के कारण बेटा पलंग से नहीं उठ पाया। अब मां उसकी पलंग पर ही सेवा कर रही है। खाने से लेकर नहलाने तक के काम पलंग पर ही कर रही है।
बेटा कहता है कि जो छोड़कर गई वह सगी मां नहीं थी, मेरी मां तो यह है। केशवराय पाटन स्थित इंद्रपुरिया गांव के तोलाराम को आठ साल पहले मजदूरी करते समय हाईटेंशन लाइन से करंट लग गया था तभी से वह बिस्तर पर है। उसका दूसरा पैर भी काटा जाएगा।
Read More: कोटा में हवाई सेवा को प्रमोट करेगा ALLEN
पुष्पा बाई ने कभी क, ख नहीं पढ़ा, लेकिन वह चिकित्सक बनकर अपने बेटे की सेवा कर रही है। पति लालचंद भी पिछले दो माह से बेड पर ही है। वह कई बीमारियों ग्रसित है। पुष्पा बाई पहले बेटे की फिर पति की सेवा करती है। वह प्रतिदिन डॉक्टर्स के बताए अनुसार बेटे के घाव की सफाई करती है और दवा लगाकर पट्टी करती है। पेशाब की थैली को खाली कर वापस लगा देती है। पैर में भी कई घाव हैं उनकी भी मरहम पट्टी करती है। दवा समय पर देती है। उसके बाद पति की देखरेख भी करती है। घर का खर्च ठीक से चले इसके लिए मजदूरी भी करने जाती है।
पैर गए पर हिम्मत नहीं
तोलाराम ने इन विकट हालातों में भी हिम्मत नहीं हारी है। वह कहता है कि उसकी कोई मदद करे तो वह घर के बाहर ही बैठकर दुकान चलाना चाहता है। व्हील चेयर पर बैठकर कुछ करना चाहता है। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होने से वह कुछ नहीं कर पा रहा। पिता कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं बेटे की इस हालत से उनकी आंख के आंसू सूख गए हैं।