कोटा

‘मैं तो लौट आई, पर यूक्रेन में फंसे साथियों की चिंता

रावतभाटा आई यवनिका ने बताई आपबीती, लोगों ने बेटी की वतन वापसी पर उसका फूल मालाओं से स्वागत किया
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Updated: 2 Mar 2022, 1:12 AM IST
'मैं तो लौट आई, पर यूक्रेन में फंसे साथियों की चिंता
'मैं तो लौट आई, पर यूक्रेन में फंसे साथियों की चिंता

रावतभाटा. यूकेन से लौटी रावतभाटा निवासी 20 वर्षीय मेडिकल छात्रा यवनिका सेन मिशन गंगा के तहत अपने घर पहुंची है। जिस पर परिजनों एवं शहर के लोगों में खुशी का माहौल है। सभी लोगों ने बेटी की वतन वापसी पर उसका फूल मालाओं से स्वागत किया।
यवनिका ने बताया कि वह वेस्टर्न यूक्रेन में रह रही थी। युद्ध छिडऩे के बाद से ही डर के साए में थी। उसके साथी भी सभी डरे-सहमे थे। पहली फ्लाइट में नंबर आने पर यवनिका भारत लौट आई, लेकिन उसे अभी भी अपने मित्रों की ङ्क्षचता सता रही है। उसने सोमवार दोपहर अपने मित्रों से बात कर उनके हालचाल जाने तो। उसने बताया कि उसके दो मित्र आयुष राठौर एवं अभिषेक सोनी कोटा के हैं, जिनमें से एक यूके्रन से वतन लौटने की तैयारी में है। लेकिन दूसरा मित्र अभी सीमा पार नहीं कर पाया। वही माइनस 4 डिग्री तापमान में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

यवनिका ने बताया कि यूके्रन में भारतीय विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे, जिसके चलते परिजनों से भी संपर्क नहीं हो रहा। उसकी यूनिवर्सिटी में 1000 छात्र हैं। बेटी के वतन वापसी उसके पिता राजस्थान परमाणु बिजलीघर की इकाई 3 व 4 में ऑपरेशन सेक्शन में कार्यरत योधराज सेन ने राहत की सांस ली है तथा अन्य भारतीय लोगों के भी सकुशल लौटने की कामना करते हैं।
उधर सेवा भारती ने यवनिका सेन के अपने देश लौटने पर अभिनन्दन किया। सेवा भारती सीमिति की ओर से प्राचीन शिव मंदिर आरपीएस में यवनिका को पुष्प गुच्छ भेंट किए।

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2 Mar 2022, 1:12 AM IST
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