पत्रिका टीम ने परिवहन विभाग को दोपहर 12 बजे बूंदी की तरफ से 6 बजरी से भरे ट्रकों के कोटा आने की सूचना नंबर सहित दी। अधिकारी ट्रकों को पकड़ नहीं पाए।
कोटा . कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद अवैध खनन कर शहर में लाई जा रही रेत के बारे में खुलासा करने के बाद भी परिवहन विभाग के अधिकारियों को रेत के अवैध परिवहन में लगे ट्रक नजर नहीं आए। अफसरों ने जब पत्रिका से कहा कि उन्हें ये ट्रक दिखाएं तो पत्रिका ने इस कार्य में भी परिवहन विभाग के अधिकारियों को आईना दिखाया। 'पत्रिका टीम के बताए मार्गों पर परिवहन विभाग की टोली पहुंची तो उन्हें अवैध बजरी भरे ट्रक नजर आ ही गए। लेकिन विभाग के अधिकारी सुबह से शाम तक सिर्फ एक ही ट्रक पकड पाए।
नहीं दिखाई सतर्कता
पत्रिका संवाददाता ने बुधवार दोपहर 12 बजे परिवहन विभाग को बूंदी की तरफ से छह बजरी से भरे ट्रकों की सूचना नंबर सहित दी। इस पर भी परिवहन विभाग की टीम ने सतर्कता नहीं दिखाई। विभाग ने सिर्फ एक ही उडऩ दस्ते को हैगिंग ब्रिज पर खड़ा किया। सभी 6 ट्रक एक साथ बूंदी से कोटा आने के लिए रवाना हुए थे।
रात को ही आने थे कोटा
सूत्रों ने बताया कि ये ट्रक मंगलवार देर रात ही कोटा के लिए रवाना होने थे, लेकिन बूंदी में मानइनिंग की जीप खड़ी होने के कारण इन ट्रकों को बूंदी जिले के तालाब गांव में खड़ा करवा दिया गया था। इसके बाद सुबह 11 बजे जब सड़क पर माइनिंग व परिवहन का उडऩ दस्ता नहीं होने की सूचना मिली तो ये दोपहर 12 बजे बूंदी से रवाना हुए।
टीम बनाई, जारी रखेंगे कार्रवाई
अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मथुरा प्रसाद मीना ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम को तैयार कर दिया था, इस दौरान एक ही ट्रक टीम को मिला जिसे पकड़ लिया। जब हमारी टीम आदमी ढाबे पर पहुंची तो ट्रक वहां से जा चुके थे। विभाग द्वारा अभियान चलाया जा रहा है, आगे भी सूचना मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।
ढाबे पर खड़े रहे तीन ट्रक
जैसे ही परिहवन विभाग ने बजरी के एक ट्रक को पकड़ा तो इनमें से तीन ट्रक पुन: घूमकर बूंदी की तरफ चले गए। ये बल्लोप स्थित एक ढ़ाबे के बाहर जाकर खड़े हो गए। इसकी भी सूचना 'पत्रिका' टीम ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को दोपहर 2 बजे दे दी, लेकिन टीम वहां नहीं गई, बूंदी के परिवहन अधिकारियों को भी इसकी सूचना शाम 4 बजे दी। इतने में ढ़ाबे पर खड़े ट्रक वहां से कहीं और चले गए।