कोटा

आंखों के सामने से गुजर रहे अवैध शराब से भरे ट्रक, हथियारों से लैस अफसर, फिर भी नहीं दबोच रहे तस्कर

शराब तस्करी को रोकने के लिए राज्य सरकार ने आबकारी निरोधक दल को गाडिय़ां, जाब्ता व हथियार सहित सभी काम आने वाले संसाधन दिए हैं। फि‍र भी आबकारी तस्करों को नही पकड पा रहा।
2 min read
Apr 19, 2019
Illegal wine smuggling
आंखों के सामने से गुजर रहे अवैध शराब से भरे ट्रक, हथियारों से लैस अफसर, फिर भी नहीं दबोच रहे तस्कर

कोटा. कोटा जिले का आबकारी निरोधक दल (ईपीएफ ) विभाग Illegal wine Smugglers के आगे बौना साबित हो रहा है। wine smuggling को रोकने के लिए राज्य सरकार ने विभाग को गाडिय़ां, जाब्ता व हथियार सहित सभी काम आने वाले संसाधन दिए हुए हैं। इसके बावजूद पिछले तीन साल में ईपीएफ विंग कोटा एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाया है। जबकि अन्य राज्यों से Illegal wine से भरे ट्रक और अन्य वाहन कई बार इन्हीं थाना क्षेत्रों के रास्तों से गुजर जाते हैं।

विभाग को कई बार मुखबिरी भी मिली, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही व ढिलाई के चलते तस्कर इन्हें मात दे गए। अवैध शराब तस्कर बसों, ट्रेनों और निजी साधनों से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। हालांकि, विभाग ने तीन स्थान बाबड़ी खेड़ा, सीमलखेड़ी और इटावा क्षेत्र की खकेरा बस्ती में हथकढ़ शराब कार्रवाई की, लेकिन अवैध शराब के कारोबार को रोकने के लिए ये कार्रवाई ऊंट के मुंह में जीरे जितनी ही है।

Read More: ट्रक की टक्कर से कॅरियर पाइंट यूनिवर्सिटी के दो शिक्षकों की दर्दनाक मौत, दो की हालत नाजुक, शोक में डूबी कोटा कोचिंग

ईपीएफ विंग का काम केवल शराब तस्करी रोकना
हर प्रहराधिकारी को माह में दस छोटी कार्रवाई व चार बड़ी कार्रवाई करने का लक्ष्य दिया जाता है। बड़ी कार्रवाई के तहत पांच कर्टन से अधिक अवैध शराब पकडऩा जरूरी है। यह टारगेट अधिकारी पूरा नहीं कर पाते। आबकारी के आंकड़े के अुनसार तो पिछले तीन साल में अवैध शराब से भरा हुआ एक भी बड़ा ट्रक आबकारी निरोधक दल नहीं पकड़ पाया। जबकि ईपीएफ विंग का काम केवल शराब तस्करी रोकना है।

Read More:मर गई ममता: पैदा होते ही नवजात को नाले में फेंका, 8 घंटे दर्द से तड़पता रहा लहुलूहान हुआ मासूम

चुनाव को लेकर तस्कर सक्रिय
लोकसभा चुनाव के साथ ही शराब तस्कर भी सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के साथ-साथ शराब तस्कर भी सतर्क हो गए हैं। अवैध शराब पर कार्रवाई के नाम पर मात्र शराब ठेकेदारों पर ही यदा-कदा कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। प्रहराधिकारियों को हर माह अवैध शराब पकडऩे के जो टारगेट दिए, वे भी पूरे नहीं हो रहे हैं। इससे आबकारी विभाग के उच्च अधिकारी खासे नाराज हैं। जबकि चुनावी सीजन में शराब तस्करी हर बार की तरह जोर पकड़ चुकी है।

World Heritage Day: यहां दफन है हजारों साल पुराने साम्राज्य का रहस्य, जमीन के नीचे बसा है शहर

नहीं बच सकते तस्कर
विभाग द्वारा अवैध शराब पर कार्रवाई समय-समय पर की जाती है। विधानसभा चुनाव से पहले अवैध शराब पकड़ी थी। लोकसभा चुनाव को लेकर भी विभाग पूरी नजर रखे हुए हैं। अवैध शराब तस्कर विभाग की नजरों से नहीं बच सकते है।
हेमराज मीणा, पीओ, आबकारी थाना

Updated on:
19 Apr 2019 12:58 am
Published on:
19 Apr 2019 12:58 am