कोटा

एमबीएस अस्पताल में अमानवीयता, घंटों पड़ा रहा मरीज, चिकित्सकों ने इलाज से किया इंकार

एमबीएस में बीमार को लावारिस कहकर इलाज से खींचे हाथ, तीन घंटे बेसुध पड़ा रहा मरीज, अधीक्षक के निर्देश पर किया भर्ती।
2 min read
• •
Updated: 16 Dec 2017, 3:26 PM IST
MBS Hospital, Superintendent Dr. PK Tiwari, Unrequited Patients, Medical Investigation, Medical Department, Kota, Kota Patrika, Kota Patrika News, Rajasthan Patrika, Inhumanity in Hospital, Conscious people
बीमार दयाल

कोटा . एमबीएस अस्पताल में एक बार फिर अमानवीयता देखने को मिली, जब एक लावारिस का चिकित्सकों ने इलाज करने से मना कर दिया। कुछ लोग एक बीमार को सड़क से उठाकर एमबीएस अस्पताल में छोड़ गए, जिसे वहां सेवा करने वाले मुश्ताक ने चिकित्सकों को दिखाया। चिकित्सकों ने लावारिस होने के चलते उसका इलाज नहीं किया।

लोगों ने पहुंचाया अस्पताल

विज्ञान नगर निवासी दयाल (52) पर जब स्थानिय लोगों की नजर पड़ी तो वह काफी बीमार लग रहा था। लाेगों ने उसे उठाकर शुक्रवार सुबह 9 बजे एमबीएस अस्पताल तक पहुंचा दिया। दयाल को बीमारी से तड़पता देख मुश्ताक उसे उपचार के लिए चिकित्सक के पास ले गया। चिकित्सक ने मुश्ताक से रोगी की जानकारी मांगी। इस पर मुश्ताक ने कहा कि उसे कोई यहां छोड़ गया है। और इसे इलाज की जरूरत है।

तीन घंटे तक बेसुध पड़ा रहा

मुश्ताक की बात सुनकर चिकित्सक ने उसका इलाज करने से मना कर दिया। और कहा कि किसी को साथ लेकर आओ, वरना इसकी देखभाल कौन करेगा। करीब तीन घंटे तक बाहर ही बीमारी की हालत में बेसुध पड़ा रहा। अस्पताल में किसी ने भी उसकी सुध नहीं ली। अखिरकार अस्पताल में मौजूद कुछ लोगों का दिल पसीजा।

अधीक्षक ने करवाया भर्ती

लोगों ने यह पूरी घटना अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीके तिवारी को बताई। डॉ. तिवारी ने अपने पीए को वहां भेजा और दयाल को चिकित्सक को दिखाने को कहा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है। अधीक्षक ने बताया कि इलाज नहीं करने की शिकायत आई थी, उसके बाद पीए को भेजकर मरीज को भर्ती करवा दिया है। मामले को दिखवाएंगे, आखिर इलाज क्यों नहीं किया गया।

Published on: