राजस्थान कल्चरल टूर 2025 के अंतर्गत सोमेश्वर ने रामचरित मानस के बालकांड से उत्तरकांड तक सभी कांडों को मात्र 6 मिनट में रैप बीट्स के साथ तैयार किया है। इसमें संस्कृत के श्लोक भी हैं और चौपाइयां भी है।
Singer Someshwar Mahadevan: बॉलीवुड पार्श्वगायक, एक्टर सोमेश्वर महादेवन मंगलवार को कोटा पहुंचे, उन्होंने यहां प्रबुद्धजन व कलाकारों से कला-संस्कृति-अध्यात्म पर चर्चा की। राजस्थान कल्चरल टूर 2025 के अंतर्गत सोमेश्वर ने रामचरित मानस के बालकांड से उत्तरकांड तक सभी कांडों को मात्र 6 मिनट में रैप बीट्स के साथ तैयार किया है। इसमें संस्कृत के श्लोक भी हैं और चौपाइयां भी है। कोटा में प्रवास के दौरान महादेवन ने पत्रिका को बताया कि उनका उद्देश्य युवा व बच्चों को धर्म, अध्यात्म व संस्कार से जोड़ना है। इसी उद्देश्य को लेकर वे विभिन्न स्थानों की यात्राएं कर रहे हैं।
बीकानेर के रहने वाले सोमेश्वर का हाड़ौती से बचपन से जुड़ा रहा है। उनके पिता डॉ. हरिओम नारायण शर्मा बारां में परिवार कल्याण निदेशक रहे। उस समय उन्होंने बारां और कोटा में पढ़ाई की। बचपन से ही संगीत प्रिय होने के कारण उन्होंने कोटा में संगीत भी सीखा। चंबल के किनारे बैठकर रियाज करना उन्हें खूब आनंद देता था। महादेवन बताते हैं कि कोटा की पहचान एजुकेशन हब के रूप में है पर यहां की संस्कृति, यहां के लोगों की आत्मीयता और चंबल गार्डन, नेचर उन्हें आकर्षित करते हैं।
अवध में आज दिवाली है जैसे लोकप्रिय भजन गाने वाले महादेवन बताते हैं कि रामचरित रैप भजन वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस की चौपाइयों पर आधारित है। आधुनिक संगीत के माध्यम से रामचरितमानस से युवाओं को जोड़ना है। पूरी यूनिट ने मिलकर इसे तैयार किया है। अवध में आज दिवाली है, गजानना हे महामहे (गणपति वंदना) को काफी सराहा गया है। महादेवन को अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिला था।
सोमेश्वर को भारत भूषण, वॉइस ऑफ राजस्थान और वॉइस ऑफ महाराष्ट्र इंटरनेशनल आइकॉन, बेस्ट प्लेबैक सिंगर (रिफ) जैसे सम्मान मिल चुके हैं। महादेवन राजस्थानी मांड राग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए भी काम कर रहे हैं। वे इस पर आधारित गीत तैयार कर रहे हैं। उन्होंने जेड प्लस, जय मां शकुंबरी समेत अन्य फिल्मों में अभिनय भी किया है।