बूंदी में पांच दिनों से हालात बिगड़े हुए हैं। इंटरनेट सेवा बंद होने से विदेशी पर्यटकों की सांसें अटकी हुई है। वहीं पर्यटन व्यवसाय ठप हो गया है।
बूंदी. बूंदी के टाइगर हिल स्थित मानधाता छतरी पर आयोजन विवाद का हल नहीं निकल पाया। बुधवार को तीसरे दिन भी बाजार बंद रहे। अधिकारी व जनप्रतिनिधि दिन भर लोगों के साथ समझाइश में जुटे रहे, लेकिन दुकानदार दुकानें खोलने को राजी नहीं हुए। वहीं, इंटरनेट सेवा बंद होने से विदेशी पर्यटकों की सांसे अटकी हुई है। उनकी बुकिंग निरस्त हो गई। जबकि हालात बिगडऩे के तीसरे दिन केबिनेट मंत्री बाबूलाल वर्मा देर शाम बूंदी पहुंंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर हालात पर समीक्षा की। वे सर्किट हाउस में डेरा डाले रहे।
पुलिस अधिकारी जाप्ते के साथ लगातार बाजारों में गश्त करते रहे। सुबह कुछ दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इनके साथ समझाइश की गई। अभिभाषक परिषद के सचिव के साथ हुई मारपीट और दो वकीलों को हिरासत में लेने के बाद कलक्टे्रट परिसर में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। जुलूस निकाला और कार्य का बहिष्कार किया। उसके बाद पुलिस ने एक वकील को रिहा किया।
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लोग परेशान
तीसरे दिन बाजार बंद रहने से आमजन जीवन प्रभावित हो रहा है। विधायक अशोक डोगरा, नगर परिषद् के सभापति महावीर मोदी, जिला कलक्टर शिवांगी स्वर्णकार, पुलिस अधीक्षक आदर्श सिधु बाजार में घूमे और लोगो के साथ समझाइश की।
कुछ जमानत पर रिहा
इधर पुलिस ने गिरफ्तार कुछ लोगों को न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। बूंदी के तिलक चौक स्थित चारभुजा मंदिर में हिन्दू महाभा के कार्यकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें प्रशासन के सामने तीन मांगे रखी, जिसमें प्रमुख मांग छतरी पर आयोजन कराया जाना शामिल है।