एनटीए की ओर से हाल ही जारी जेईई मेन सेशन-1 का रिजल्ट विवादास्पद होने से स्टूडेंट्स अलग-अलग प्लेटफाॅर्म पर अपनी मांग रख रहे हैं। इसमें स्टूडेंट्स की एनटीए की ओर से करवाई गई विभिन्न शिफ्टों के परीक्षार्थियों की संख्या जारी करने की मांग शामिल है। इधर, जेईई-मेन अप्रेल सेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। जेईई-मेन में इस वर्ष 13 लाख से अधिक यूनीक कैंडिडेट के शामिल होने की संभावना है। जेईई मेन सेशन-2 के आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च है।
एनटीए की ओर से हाल ही जारी जेईई मेन सेशन-1 का रिजल्ट विवादास्पद होने से स्टूडेंट्स अलग-अलग प्लेटफाॅर्म पर अपनी मांग रख रहे हैं। इसमें स्टूडेंट्स की एनटीए की ओर से करवाई गई विभिन्न शिफ्टों के परीक्षार्थियों की संख्या जारी करने की मांग शामिल है। इधर, जेईई-मेन अप्रेल सेशन के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। जेईई-मेन में इस वर्ष 13 लाख से अधिक यूनीक कैंडिडेट के शामिल होने की संभावना है। जेईई मेन सेशन-2 के आवेदन की अंतिम तिथि 2 मार्च है।
कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष जेईई मेन परीक्षा सेशन-1 की शुरुआती शिफ्टों में अच्छे प्राप्तांक पर भी पर्सेन्टाइल स्कोर अपेक्षानुरूप नहीं रहा है, जबकि अंतिम दिनों की शिफ्टों में कम प्राप्तांकों पर पर्सेन्टाइल स्कोर शुरुआती शिफ्टों की तुलना में अच्छा आया है। ऐसे में स्टूडेंट्स को ये भी कन्फ्यूजन है कि शुरुआती शिफ्टों में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या व अंतिम दिनों में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में बड़ा अंतर नहीं हो, क्योंकि जेईई मेन विभिन्न पारियों में होने पर आमतौर पर प्रत्येक पारी में स्टूडेंट्स की संख्या समान होती है। यही कारण है कि हर शिफ्ट में स्टूडेंट्स की संख्या समान होने पर प्रतिस्पर्धा का स्तर लगभग समान होता है और एनटीए स्कोर जारी करते समय भी स्टूडेंट्स की संख्या देखी जाती है।
जारी नहीं हुआ शिफ्ट वाइज स्टूडेंट्स का डेटा
गत वर्षों में भी एनटीए की ओर से प्रत्येक शिफ्ट में बैठने वाले स्टूडेंट्स की संख्या जारी की गई, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इस वर्ष रिजल्ट की जारी की गई प्रेस रिलीज में सभी शिफ्टों को मिलाकर परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स की संख्या तो जारी कर दी गई, लेकिन शिफ्ट वाइज स्टूडेंट्स का डाटा जारी नहीं किया गया। ऐसे में एनटीए को शिफ्ट वाइज स्टूडेंट्स की संख्या जारी कर इस असमंजस को दूर करना चाहिए। साथ ही, विभिन्न पारियों में हुए परीक्षा के डिफिकल्टी लेवल में यदि अंतर अधिक है तो उसके बारे में एनटीए को अपनी स्पष्ट जारी करना चाहिए।