
कोटा. संभाग में हर महीने 2.97 करोड़ रुपए की बिजली चोरी पकड़ी जा रही है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) हर महीने 137 से ज्यादा उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ रहा है। बावजूद इसके बिजली चोर नए-नए तरीके खोज ही लेते हैं। रामगंजमंडी में गुरुवार को जेवीवीएनएल की विजिलेंस टीम ने ट्रांसफार्मर से बिजली चोरी करते हुए तीन स्टोन पॉलिशिंग इकाइयों को पकड़ा था।
टीम ने 1.52 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिजली चोरी का आकलन किया था। यह तो महज तीन मामले हैं। संभाग की बात करें तो हर महीने 137 से ज्यादा उपभोक्ता 2.97 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाते हैं।
जेवीवीएनएल कोटा के जोनल चीफ इंजीनियर क्षेमराज मीणा ने बताया कि जोन में एक अप्रेल 2019 से 31 जनवरी 2020 तक 2974.68 लाख रुपए की बिजली चोरी करते हुए 13,797 लोगों को पकड़ा। इनमें से 5367 उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
4297 मामलों में कार्रवाई
अभी प्रक्रियाधीन है। इस दौरान 723.11 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। जोन में सबसे ज्यादा चोरी के मामले ग्रामीण सर्किल में पकड़े गए। हर महीने औसतन 538 प्रकरण दर्ज किए गए। मीणा ने बताया कि शहर में भी बिजली चोरी व्यापक पैमाने पर हो रही है।
बिजली चोरों से वसूला 1.87 लाख का जुर्माना
शुक्रवार को पकड़े पांच उपभोक्ताओं से विद्युत चोरी निरोधक थाने ने एक ही दिन में 1.87 लाख रुपए से ज्यादा का जुर्माना वसूला। थानाधिकारी नेत्रपाल सिंह ने बताया कि जेवीवीएनएल के सहायक अभियंता राजेंद्र बैरवा ने 26 सितंबर 2019 को कैथून के दीपपुरा मोड़ पर बिजली चोरी का मामला पकड़ा था।
प्रकरण में आरोपित मुकुट बिहारी ट्रांसफार्मर से सीधे केबल डालकर बिजली चुरा रहा था। जुर्माना जमा नहीं कराने पर उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां 10 हजार रुपए की जुर्माना राशि जमा करा उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया।