
लांगरी उस्मान अली व बर्खास्त कांस्टेबल मनीष। फोटो पत्रिका नेटवर्क
Kota News : कोटा। बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चोरी की कोशिश का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां निर्माणाधीन मकान में चोरी करने पहुंचे दो आरोपियों को स्थानीय लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। हैरानी की बात यह रही कि पकड़े गए आरोपियों में एक पुलिस लाइन की मैस में कार्यरत लांगरी और दूसरा बर्खास्त कांस्टेबल निकला। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान उस्मान अली और मनीष यादव के रूप में हुई है। उस्मान अली वर्तमान में पुलिस लाइन कोटा की मैस में लांगरी के रूप में कार्यरत है, जबकि मनीष यादव पुलिस विभाग से बर्खास्त पूर्व कांस्टेबल है।
सीआइ अनिल कुमार टेलर ने बताया कि घटना वसुंधरा विहार बजरंग नगर इलाके की है। यहां कर्मा बाई और उनके पति राधेश्याम एक निर्माणाधीन मकान की चौकीदारी करते हैं। रविवार देर रात करीब 12 बजे दो व्यक्ति मकान में घुस गए और वहां रखी पानी की मोटर, सरिया तथा अन्य सामान चोरी करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान चौकीदार दंपती की नींद खुल गई और उन्होंने आरोपियों को देख लिया।
परिवार के जागने पर एक आरोपी मौके से भागने लगा, जबकि दूसरे को रोकने का प्रयास किया गया। कर्मा बाई ने बताया कि विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट भी की। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए और दोनों आरोपियों को घेर लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर बोरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में ले लिया।
स्थानीय निवासी भुवनेश ने बताया कि पकड़े गए लोगों में मनीष यादव नामक व्यक्ति भी शामिल था, जो पहले पुलिस विभाग में कांस्टेबल रह चुका है। लोगों के एकत्रित होने पर वह कॉलोनी के मकानों की छतों पर चढ़कर भागने लगा। एक मकान से दूसरे मकान में कूदते हुए वह एक घर की छत पर लगे सोलर पैनलों के नीचे छिप गया, लेकिन लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उसे पकड़ लिया गया। लोगों का आरोप है कि वह खुद को पुलिसकर्मी बताकर रौब झाड़ने का प्रयास कर रहा था।
परिवादी की शिकायत के आधार पर दोनों के खिलाफ चोरी के प्रयास, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में दोनों को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार मनीष यादव पहले भी गंभीर आरोपों में घिर चुका है। उद्योग नगर थाने में तैनाती के दौरान उसके खिलाफ अपहरण, लूट और अवैध वसूली जैसे मामलों में कार्रवाई हुई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था और बाद में विभाग से बर्खास्त कर दिया गया।
Published on:
22 Jun 2026 08:05 pm
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