
कोटा.
भरम है सदियों का, अब बस टूटने वाला.. ये बात वक्त के सब हुक्मरां समझने लगे हैं... खौफ और खुराफात के घने कोहरे के बीच उम्मीद की शमां रोशन करने वाले जम्मू-कश्मीर की युवा शायरा निगहत साहिबा के ये अशआर बेजा नहीं है। वादी के बवाल को पीछे धकेल एक पूरी पीढ़ी अपने हाथों में पत्थरों के बजाय कलम और किताब थामने को बेताब है। यकीन न आए तो कोटा चले आइए। जहां एक दो नहीं सैकड़ों कश्मीरी युवा सफलता की नई इबारत लिखते नजर आएंगे।
लिख रहे हैं तरक्की की नई इबारत
पत्थरबाजी के लिए आए दिन चर्चाओं में रहने वाले युवाओं के बीच एक तबका ऐसा भी है, जो सारे बवाल को पीछे धकेल तरक्की की राह पर चल रहा है। जम्मू-कश्मीर से हजारों किमी दूर बसे कोटा में सैकड़ों कश्मीरी युवा आम हिंदुस्तानियों की जिंदगी बचाने के लिए हाथ में स्टेथोस्कोप थामने के लिए बेताब दिखाई दे रहे हैं। इनकी एक बड़ी तादाद इंजीनियरिंग की बारीकियां सीख हिंदुस्तान की तरक्की की नई इबारत लिखने को बेताब नजर आ रही है।
छात्राओं की संख्या ही 300 से ज्यादा
नए ख्वाब बुन रहे एक हजार से ज्यादा कश्मीरी युवा कोटा के कोचिंग संस्थानों में मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने में जुटे हैं। इस नई पीढ़ी के अभिभावक और शिक्षक घाटी में आए दिन होने वाले फसादों से बाहर लाकर खुशहाल कश्मीर का ख्वाब बुन रहे हैं। बड़ी बात यह है कि कश्मीर से कोटा आकर पढ़ाई करने वाले बच्चों की तादाद में हर साल इजाफा हो रहा है। करीब एक दशक पहले 8-10 बच्चे ही एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने कोटा आते थे, लेकिन इस बार महज छात्राओं की संख्या ही 300 के आंकड़े को पार कर चुकी है।
सफलता का दायरा भी बढ़ा
कोटा के सुरक्षित और शांत माहौल में पढ़ाई करने आ रहे कश्मीरी युवाओं की सफलता का आंकड़ा भी साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। इस बार 500 से ज्यादा कश्मीरी विद्यार्थियों ने जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षा दी थी। जिसमें से 320 से ज्यादा ने सफलता भी हासिल की। अब वो देश के नामी इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में दाखिला लेकर वतन की खुशहाली में अपना अहम योगदान देने जा रहे हैं।
बड़ी बात यह है कि सफलता हासिल करने वाले युवाओं में छात्राओं की भी बड़ी तादाद है। बारामुला की सना ने नीट में इस वर्ष सामान्य वर्ग में 6798 रैंक प्राप्त की। जबकि लखनपुर की आरुषी जामवाल ने नीट में 11,970 और नीमरत ने जेईई-मेन में 80180 रैंक प्राप्त की।
फैक्ट फाइल
1000 से अधिक कश्मीरी विद्यार्थी कोटा में ले रहे कोचिंग
300 से अधिक कश्मीरी छात्राएं रह रही हैं कोटा में
500 से अधिक कश्मीरी विद्यार्थियों ने दी मेडिकल व इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा, 320 से अधिक ने हासिल की सफलता