
कोटा। किशनगढ़ सहित प्रदेश में नकली खाद बनाने वाले कारखानों पर शिकंजा कसा जा रहा है। नकली खाद बनाने और बेचकर किसानों से धोखाधड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा। इसके लिए अलग-अलग 10 एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। यह बात रविवार को राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (सिआम) ऑडिटोरियम में आयोजित युवा कृषक संवाद में किसानों को संबोधित करते हुए कही।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में सभी जगहों से एकत्रित किए गए सैंपल की जांच की जा रही है। इसमें पाई जाने वाली नकली खाद नष्ट करने के साथ इसके निर्माताओं और विक्रेताओं को जेल भेजा जाएगा। चार माह में किसानों से धोखाधड़ी करने वाले सलाखों के पीछे होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कृषि मंत्री ने संभाग के चारों जिलों कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ के किसानों से करीब पांच घंटे सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और मौके पर ही अधिकारियों को निस्तारण के निर्देश दिए।
डॉ. किरोड़ी ने किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाते हुए कृषि में अपनी आय बढ़ाने को कहा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने एआइ आधारित कृत्रिम वर्षा की तकनीक के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा करते हुए आधुनिक खेती कर लाभ बढ़ाने के गुर बताए। इसके साथ ही उन्होंने खेती में आ रही समस्याओं की भी जानकारी साझा की। चारों जिलों से आए किसानों ने भी खुलकर योजनाओं में आ रही परेशानियों की बात रखी। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को एक-एक समस्या को समझकर उनके समाधान के लिए निर्देशित किया।
कार्यक्रम में राज्य स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले प्रगतिशील किसानों एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी किसानों को सब्सिडी के चेक प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री मोतीलाल मीणा, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.एके व्यास, लाडपुरा प्रधान हेमंत यादव, सांगोद प्रधान जयवीर सिंह तथा अधिकारी व हाड़ौती के किसान मौजूद रहे।