मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और तस्करों की धरपकड़ के लिए जिम्मेदार पुलिस ही बाड़ की भक्षक बनने लगी है।
Read More: खुश खबरी: अब कोटा में चलेंगे महिलाओं के लिए स्पेशल पिंक ऑटो, पुरूष होंगे Not Aloud
जोधपुर जिले में कोटा पुलिस में पदस्थापित रहे तीन और कांस्टेबल वांछित चल रहे हैं। इनमें दो मादक पदार्थ के नामचीन तस्कर हैं और तीसरा कांस्टेबल नामचीन तस्कर पर गोलियां चलाने के मामले में फरार है। सभी कांस्टेबल एक ही गिरोह से जुड़े हुए थे, लेकिन अधिकार क्षेत्र को लेकर उपजे विवाद के बाद लम्बे समय से अलग हैं।
Read More: कोटा में महिला पटवारी ने 7 हजार में बेचा ईमान, ACB ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार
हर सप्ताह एक ट्रक तस्करी
सूत्रों के अनुसार पुलिस में कांस्टेबलों की मिलीभगत से जोधपुर व आस-पास के जिलों में तस्करों की कई गैंग सक्रिय हैं। ये हर सप्ताह एक ट्रक डोडा पोस्त मंगवाकर सप्लाई करके 60-70 लाख रुपए वारे-न्यारे कर रहे हैं।
Read More: जनसुनवाई के दौरान विधायक राजावत के कार्यालय में लगी भीषण आग, लोगों में मची अफरा-तफरी
2015 से फरार रावलराम
रावलराम कोटा आबकारी में सिपाही था। डांगियावास थाना पुलिस ने वर्ष 2015 में कार से अफीम का 9.8 किलो दूध जब्त कर रावलराम को नामजद किया। तब से वह फरार है। जांच सीआईडी (सीबी) के पास है। पुलिस उसे अभी तक नहीं पकड़ पाई है।
Big News: चुनाव से पहले कांग्रेस ने खेला ब्राह्मण कार्ड, त्यागी को सौंपी शहर जिलाध्यक्ष की कमान
वांछित है प्रभुराम
फलोदी के पास डढ्ढू गांव निवासी प्रभुराम विश्नोई भी कोटा शहर यातायात पुलिस का सिपाही है। बाप थाना पुलिस ने गत 5 अप्रेल को ट्रक से 2988 किलो डोडा पोस्त जब्त कर खलासी को गिरफ्तार किया था जबकि चालक भाग गया। इसे डढ्ढू गांव में कांस्टेबल प्रभुराम के फार्म हाउस से गिरफ्तार किया गया। प्रभुराम अभी तक फरार है।
तस्कर पर फायरिंग
डढ्ढू गांव निवासी सुखराम विश्नोई कोटा शहर की यातायात पुलिस में कांस्टेबल है। विवाद के चलते गैंग से अलग होने वाले तस्कर रावलराम पर उसने अपने साथियों के साथ गत वर्ष फायरिंग की। इसमें सुखराम वांछित है।
डोडा-पोस्त तस्करी में साझेदार थे चारों
कोटा शहर ट्रैफिक पुलिस में कांस्टेबल प्रभुराम विश्नोई, सुखराम विश्नोई व कोटा आबकारी में कांस्टेबल रावलराम विश्नोई एक ही गैंग में थे। दो साल पहले हार्डकोर मांगीलाल को भगाने में भूमिका निभाने पर बीकानेर के चालानी गार्ड पप्पूराम विश्नोई को बर्खास्त किया जा चुका है। वह भी इसी गैंग से जुड़ा है। अधिकार क्षेत्र को लेकर रावलराम विश्नोई का अन्य तस्करों से विवाद हो गया। तब से वह अन्य से अलग होकर अकेला ही बड़े स्तर पर तस्करी में लिप्त है।