
Madan Dilawar: कोटा में संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (फोटो-पत्रिका)
कोटा। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने शनिवार को कोटा जिले के दौरे के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने डोटासरा को "झूठा और महाभ्रष्ट" बताते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के शिक्षा विभाग पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। दिलावर ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई उनके या उनके विभाग के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप प्रमाणित कर दे, तो वह उसी दिन राजनीति छोड़ देंगे।
कोटा जिले के लखावा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नव-निर्मित कक्षाओं के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने कई फैसले केवल प्रचार के लिए किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाया गया।
मदन दिलावर ने कहा कि नए अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय खोलने का दावा किया गया, जबकि वास्तविकता यह थी कि पहले से संचालित हिंदी माध्यम के स्कूलों का नाम बदलकर अंग्रेजी माध्यम घोषित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में न तो अंग्रेजी माध्यम के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति की गई और न ही आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। इसका नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति अंग्रेजी भाषा से नहीं है। उनका कहना था कि अंग्रेजी सीखना समय की आवश्यकता है, लेकिन किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले उसके लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा, प्रशिक्षित शिक्षक और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी होता है।
शिक्षा मंत्री ने डोटासरा द्वारा शिक्षा विभाग में तबादलों के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके विभाग, उनके स्टाफ या स्वयं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई ठोस प्रमाण सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कांग्रेस शासनकाल के तबादलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक शिक्षक सम्मेलन में सार्वजनिक मंच से शिक्षकों से पूछा था कि क्या तबादलों में पैसे चलते हैं। उनके अनुसार उस समय बड़ी संख्या में मौजूद शिक्षकों ने इसकी पुष्टि की थी। दिलावर ने कहा कि जिस कार्यकाल पर उस समय सवाल उठे थे, वही लोग आज वर्तमान सरकार पर आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है तथा बिना किसी भेदभाव के सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है।
Updated on:
18 Jul 2026 06:27 pm
Published on:
18 Jul 2026 06:19 pm
