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Kota : दो दिन की दुल्हन बनकर लाखों की ठगी, चार राज्यों में फैले ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का पर्दाफाश

रामगंजमंडी पुलिस की कार्रवाई, सात आरोपी गिरफ्तार,एक निरुद्ध, शादी के नाम पर युवकों को बनाते थे निशाना
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Looteri Dulhan

सांकेतिक फोटो

शादी के दो दिन बाद ही दुल्हन के मायके जाने की बात कहकर गहने और नकदी लेकर फरार होने वाले अंतरराज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का कोटा ग्रामीण के रामगंजमंडी थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैले इस गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार व एक को निरुद्ध किया गया है।

जांच में सामने आया कि गिरोह की महिलाएं पहले से शादीशुदा थीं और अलग-अलग नामों से कई युवकों से फर्जी शादी कर लाखों रुपए की ठगी कर चुकी हैं। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने शनिवार को बताया कि गिरोह का खुलासा सांडपुरा निवासी दिनेश कुमार और हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह की शिकायतों के बाद हुआ। दोनों ने शादी के नाम पर लाखों रुपए की ठगी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में दोनों मामलों की कार्यप्रणाली समान मिलने पर रामगंजमंडी थाना पुलिस ने विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर तंत्र की सहायता से गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

जिनकी शादी नहीं होती उन्हें तलाशते थे

पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य ऐसे युवकों को तलाशते थे जिनकी शादी नहीं हो रही थी। दलाल पहले लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर रिश्ता तय कराते और शादी के एवज में एक से दो लाख रुपए लेते थे। इसके बाद झारखंड से महिलाओं को बुलाकर मंदिर में शादी करवाई जाती थी। शादी के बाद महिलाएं परिवार के बीच सामान्य रूप से रहतीं और एक-दो दिन बाद माता-पिता की बीमारी का बहाना बनाकर गहने और नकदी लेकर फरार हो जाती थीं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा ने बताया कि गिरोह में महिलाओं के पति और बॉयफ्रेंड भी शामिल थे। वे महिलाओं के भाई बनकर लड़के पक्ष से बातचीत करते और रिश्ते को विश्वसनीय बनाते थे। लाली के मामले में उसका बॉयफ्रेंड हिमांशु भाई बनकर आता था, जबकि ज्योति का पति सुधीर उसका भाई बनकर शादी तय कराता था। हिमांशु अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।

अकेले पांच शादी कर चुकी ज्योति

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ज्योति अकेले पांच फर्जी शादियां कर चुकी है। उसने मोड़ी हरिपुरा (मध्यप्रदेश), झालावाड़, असनावर, अकलेरा और बूंदी जिले के डाबी में अलग-अलग नामों से शादी कर वारदातों को अंजाम दिया। वहीं पूजा, अंजली, शिवानी, पिंकी और सुनीता मुखर्जी ने भी अलग-अलग जिलों में कई युवकों से शादी के नाम पर लाखों रुपए ठगे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और वारदातों का पता लगा रही है। एसपी ने बताया कि इनके द्वारा कोटा (रामगंजमंडी), झालावाड़, असनावर, अकलेरा, बूंदी (डाबी), मोड़ी हरिपुरा (मध्यप्रदेश), झारखंड और बिहार में भी सक्रिय नेटवर्क की आशंका है।

पुलिस ऐसे पहुंची गिरोह तक

पुलिस ने बताया कि 13 जुलाई और 16 जुलाई को दो पीड़ितों ने दर्ज कराई शिकायत दी। दोनों मामलों में एक जैसी कार्यप्रणाली मिलने पर विशेष टीम गठित। सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी हिमांशु फरार, जिसकी तलाश जारी है।

इन आठ आरोपियों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें झारखंड निवासी नाबालिग, ज्योति कुमारी (25), पूनम बाग (30), सुधीर कुमार (30) और रोहित बाग (20), मध्यप्रदेश निवासी सुरेश कुमार डांगी (35), झालावाड़ निवासी भूरालाल मीणा (48) तथा बिहार निवासी रूपेश कुमार (27) शामिल हैं।