
कोटा . चना व सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद में शिथिलता बरतने के भले ही सहकारिता विभाग ने संशोधित आदेश जारी कर दिए हों, लेकिन अभी भी ऑनलाइन पंजीयन किसानों के लिए चना, सरसों समर्थन मूल्य पर बेचना मुसीबत बना हुआ है।
सरकार के संशोधित आदेश के मुताबिक किसान दुबारा ऑनलाइन पंजीयन नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसे में किसान अपनी उपज समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पा रहे। कई किसानों की उपज खरीद केंद्र पर नहीं बिक रही तो उन्हें मंडी में खुली नीलामी में कम भाव में बेचना पड़ रहा है।
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मंडी में चना बेचने आए किसान महेंद्र यादव, रमेश मीणा, घनश्याम आदि ने बताया कि सहकारिता विभाग ने बंटाईदार किसानों को खेत मालिक के दस्तावेजों के आधार पर सरसों, चना तुलाई के संशोधित आदेश जारी कर दिए। लेकिन खरीद केंद्र प्रभारी पुराने ऑनलाइन पंजीयन को मान्य नहीं कर रहे। वहीं राजफेड का ऑनलाइन पोर्टल किसान के आधार कार्ड, भामाशाह कार्ड से दुबारा पंजीयन नहीं कर रहा।
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बचे हुए माल को कहां बेचे
मंडी में चना बेचने आए किसानों ने बताया कि उनके खेत में इस बार 3-4 क्विंटल प्रति बीघा के चने का उत्पादन हुआ है। 15 बीघा खेत में करीब 50 क्विंटल चना हुआ है। जबकि खरीद केंद्र पर दो हैक्टेयर जमीन पर मात्र 25 क्विंटल चना ही तुलवाया जा रहा है। ऐसे में बचा हुआ चना मंडी में बेचना पड़ रहा है।
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भामाशाह मंडी खरीद केंद्र प्रभारी आरएस चौहान ने बताया कि हमें सिर्फ दो हैक्टेयर पर 25 क्विंटल चना खरीदने के आदेश है। एक किसान का इससे ज्यादा चना नहीं खरीदेंगे। बंटाईदार किसान खेत मालिक के शपथ पत्र के आधार पर ऑनलाइन पंजीयन कराए।