लॉक डाउन के बाद पहली बार बुधवार को भामाशाहमंडी में सरसोंए चनाए धान और धनिये का कारोबार शुरू हुआ। लेकिन पहले दिन ही कोरोना संक्रमण के चलते कायम की गई सोशल डिस्टेसिंग की पालना नहीं हुई।
कोटा. लॉक डाउन के बाद पहली बार बुधवार को भामाशाहमंडी में सरसों, चना, धान और धनिये का कारोबार शुरू हुआ। लेकिन पहले दिन ही कोरोना संक्रमण के चलते कायम की गई सोशल डिस्टेसिंग की पालना नहीं हुई। जिन्स के ढेर भी सटे हुए कर दिए गए और नीलामी के दौरान तो किसानों, आढ़तियों और खरीदारों की रेलमपेल हो गई। यहां की स्थिति देखकर लग रहा है कि जरा सी लापरवाही भारी न पड़ जाए। हैरानी की बात तो यह कि सोशल डिस्टेसिंग की पालना करवाने के लिए नीलामी यार्ड में मंडी प्रशासन का कोई जिम्मेदार कार्मिक यहां मौजूद तक नहीं था।
ढेरियां भी लगाई पास-पास
मंडी प्रशासन ने गेहूं की खरीद के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए गेहूं की ढेरियों के बीच 6-6 फ ीट की दूरी रखी गई थी। नीलामी दौरान जिन्स के ढेर पास-पास ही कर दिए गए। आवक बढऩे के कारण अब सोशल डिस्टेसिंग की पालना चुनौती बन गई है। नीलामी के दौरान तो जमघट लग गया।
सर्वाधिक आवक चने की रही
मंडी में नई व्यवस्था के तहत पहली बार चना, धान, सरसों व धनिये की खरीद शुरू हुई। पहले दिन सरसों की आवक 7375 क्विंटल रही। सरसों के भाव 3651 से 3991 रुपए प्रति क्विंटल रहे। धान की आवक 13815 क्विंटल रही। धान के भाव 2050 से 2677 रुपए प्रति क्विंटल रहे। चने की आवक 21800 क्विंटल की रही। चना 3741 से 4000 रुपए प्रति क्विंटल बिका। इसी प्रकार धनिये की आवक 8850 क्विंटल रही व भाव 4431 से 7111 रुपए प्रति क्विंटल रहे।