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कोटा की अरुंधति का फिनलैंड में गोल्डन पंच, लगातार छठे अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक पर जमाया कब्जा

Arundhati Chaudhary: चोट और सर्जरी के बाद बॉक्सिंग रिंग में लौटी कोटा की अरुंधति चौधरी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता का सिलसिला जारी रखा है। फिनलैंड के टैमर कप में 70 किलोग्राम भार वर्ग का गोल्ड जीतकर उन्होंने लगातार छठा अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक हासिल किया। अब तक उनके खाते में 14 अंतरराष्ट्रीय पदक हैं, जिनमें 13 गोल्ड और एक ब्रॉन्ज शामिल है।
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Updated: 1 Nov 2026, 10:24 PM IST
Arundhati Chaudhary
फिनलैंड में स्वर्ण पदक जीतने के बाद तिरंगे के साथ खुशी जाहिर करतीं अरुंधति चौधरी। (फोटो-पत्रिका)

कोटा। राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर अरुंधति चौधरी ने एक बार फिर दुनिया के बॉक्सिंग रिंग में तिरंगे का मान बढ़ाया है। फिनलैंड में आयोजित टैमर कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में अरुंधति ने स्वर्ण पदक जीतकर लगातार छठा अंतरराष्ट्रीय गोल्ड अपने नाम किया। 70 किलोग्राम भार वर्ग में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रही कोटा की इस मुक्केबाज ने क्वार्टर फाइनल से लेकर फाइनल तक अपने विरोधियों को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। खास बात यह है कि चोट और सर्जरी के बाद रिंग में वापसी करते हुए अरुंधति लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी सफलता का सिलसिला जारी रखे हुए हैं।

फिनलैंड के टैम्पेरे शहर में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता के बॉक्सिंग मुकाबले 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक खेले गए। अरुंधति के बेसिक कोच अशोक गौतम ने बताया कि उन्होंने क्वार्टर फाइनल में मेजबान फिनलैंड की विलमा कूसीक्को को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड की बीलोओलुना को शिकस्त दी। खिताबी मुकाबले में उनका सामना आयरलैंड की एवलिन ईघरो से हुआ, जहां शानदार प्रदर्शन करते हुए अरुंधति ने स्वर्ण पदक हासिल किया।

टैमर कप इंटरनेशनल बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल के साथ अरुंधति चौधरी।

फाइनल में 4-1 से दर्ज की जीत

अरुंधति के पिता एवं कोटा बॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश चौधरी के अनुसार, उन्होंने प्रतियोगिता में अपने मुकाबले दमदार अंदाज में जीते। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उन्होंने 5-0 के अंतर से जीत दर्ज की, जबकि फाइनल मुकाबला 4-1 से अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में ओलंपिक भार वर्ग के शीर्ष आठ मुक्केबाजों ने अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व किया। भारत की ओर से सात महिला और सात पुरुष बॉक्सरों ने हिस्सा लिया।

14 अंतरराष्ट्रीय पदक, खाते में 13 गोल्ड

टैमर कप में स्वर्णिम सफलता के साथ अरुंधति के अंतरराष्ट्रीय पदकों की संख्या 14 हो गई है। इनमें 13 स्वर्ण और एक कांस्य पदक शामिल हैं। लगातार छठे अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक की उपलब्धि ने उनके शानदार प्रदर्शन के सिलसिले को एक और मुकाम दिया है। कॉमनवेल्थ, बॉक्सिंग वर्ल्ड कप और एशिया कप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी वह स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

चोट और सर्जरी के बाद की शानदार वापसी

अरुंधति की इस सफलता के पीछे संघर्ष की कहानी भी है। करीब डेढ़ साल पहले चोट के कारण उन्हें बॉक्सिंग से दूरी बनानी पड़ी थी। इसके बाद सर्जरी और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार रिकवरी की प्रक्रिया पूरी कर उन्होंने दोबारा रिंग में वापसी की। वापसी के बाद लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित की है।

बेटी की सफलता पर क्या बोले पिता?

अब अरुंधति की नजर ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने पर है। पिता सुरेश चौधरी ने बताया कि बेटी इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर अपनी तैयारियों और प्रतियोगिताओं पर फोकस कर रही है। फिनलैंड में जीत के बाद अरुंधति ने अपनी मां सुनीता चौधरी, बहन डॉ. चारुलता और भाई से बातचीत कर खुशी साझा की। उनकी इस उपलब्धि से कोटा सहित राजस्थान में खेल जगत में खुशी का माहौल है।

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1 Nov 2026, 10:24 PM IST
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