कोटा

बड़ी खबर: कोटा कलक्टर बोले-मैं हाथ जोड़ूं या पैर पकड़ूं , एक माह में जनता को दिलाऊंगा मकानों का पैसा…

kota District collector, Takali Dam, Chief Minister Ashok Gehlot: कोटा कलक्टर ओमप्रकाश कसेरा ने ताकली बांध विस्थापितों को भरोसा दिलाया कि एक माह में उन्हें अनुग्रह राशि दिलवा देंगे।
2 min read
• •
Updated: 12 Oct 2019, 4:29 PM IST
Kota district collector
कोटा कलक्टर बोले-मैं हाथ जोड़ूं या पांव पकड़ूं , एक माह में जनता को दिलाऊंगा मकानों का पैसा...

रामगंजमंडी. कोटा. जिला कलक्टर ओमप्रकाश कसेरा ( Kota district collector Om prakash Kasera ) ने कहा है कि ताकली बांध ( Takli Dam ) विस्थापितों को मिलने वाली भवन निर्माण अनुग्रह राशि का मामला तब सुलझेगा ( Takli Dam displaced peoples ) जब डूब विस्थापित परिवार आवंटित भूमि पर भवन निर्माण कार्य प्रारंभ कर पुराने मकानों को छोड़ देंगे। इसके बाद एक माह में वे अनुग्रह राशि का भुगतान करवा देंगे। इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री ( Chief Minister Ashok Gehlot ) के हाथ जोडऩे व पैर पकडऩे पड़ें तो इसमें वे गुरेज नहीं करेंगे।

Read More: वार्डन पर गंभीर आरोप: एसडीएम से बोली बेट‍ियां- खाने को देती जली रोटियां और धुलवाती गंदे कपड़े, मना करने पर करती मारपीट

रामगंजमंडी क्षेत्र के दौरे पर जिला कलक्टर ने शुक्रवार को ताकली बांध का निरीक्षण किया और वहां मौजूद ग्रामीणों से करीब आधा घंटे व रीछडिय़ा में करीब एक घंटे तक डूब विस्थापित परिवारों से समस्याएं सुनी। सारनखेड़ी में रहने वाले डूब विस्थापितों ने उन्हें रीछडिय़ा की पठारी में बसाने के लिए भूखंड देने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि उनके खेत रीछडिय़ा के पास हैं। जबकि उन्हें खेतों से 15 किलोमीटर दूर चन्द्रपुरा में बसाया जा रहा है। ऐसे में वे खेत पर कैसे पहुंचेंगे। रीछडिय़ा के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इस पर कलक्टर ने उपप्रधान मोतीलाल अहीर से कहा कि सारनखेड़ी वालों की मांग जायज है, इसका विरोध नहीं होना चाहिए। दोनों गांव के लोग मिल बैठकर विवाद सुलझाएं। आपसी सहमति का पत्र उन्हें सांैपे। वे भूखंड आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ कराएंगे।


अनुग्रह राशि के लिए वित्त विभाग की मंजूरी
कलक्टर ने डूब विस्थापितों से कहा कि भवन निर्माण अनुग्रह राशि को वित्त विभाग ने मंजूरी दे रखी है। प्रति परिवार 1 लाख 91 हजार के हिसाब से डूब विस्थापितों को यह राशि मिलेगी।

Read More: एसडीएम कार्यालय में वार्डन ने छात्राओं को धमकाया, खौफ से बालिका बेहोश, अस्पताल में हुए चौंकाने वाले खुलासे

कुल 21 करोड़ की राशि अनुग्रह राशि का भुगतान तब होगा जब डूब में आने वाले परिवार पुराने आवास छोड़कर आवंटित भूमि पर बस जाएंगे। जिस दिन यह कार्य होगा, उसके एक माह में वे अनुग्रह राशि विस्थापित परिवारों को सौंप देंगे। ताकली योजना को गति भी तब ही मिलेगी जब डूब विस्थापित अपने घर छोड़कर आवंटित भूमि पर बसेगे। कलक्टर ने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता से बांध की भराव क्षमता सहित उसके क्षेत्रफल संबंधी जानकारी ली।

Read More: देखिए, 'आलस' दो युवकों को कैसे उतार गया मौत के घाट, पढि़ए, 'Time' से जुड़ा Life का कनेक्शन

मामला दर्ज करने की शिकायत
उपप्रधान ने ताक़ली नदी पर काली बजरी का अवैध खनन धड़ल्ले से होने व किसान परिवार द्वारा स्वयं के ट्रैक्ट्रर से भवन निर्माण के लिए रेती लेे जाने पर पुलिस द्वारा अवैध बजरी खनन का मामला दर्ज करने की शिकायत की और पुलिस अधीक्षक कोटा ग्रामीण राजन दुष्यंत से दखल की मांग की।
उप प्रधान ने कलक्टर से किसानों को दुबारा ऋण माफी योजना में शामिल करने की मांग की। जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारी कार्यालय में अधिकारियों से चर्चा की।
आठ बजे तक खुले रहे कार्यालय
कलक्टर के रामगंजमंडी आने की सूचना से कई विभागों में रात आठ बजे तक कामकाज चलता रहा।

Published on: