
कोटा . रंगीन रोशनी व साउंड की स्वर लहरियों के बीच बानी असरे में मांई तनी आजाई तू....सजल रहे सिंदूर वाली मईयां, थनिया भूलावेली सासाराम के मेला मं....सरीखे भोजपुरी भजनों के साथ धमाकेदार अंदाज में मंच से श्रोताजनों से रूबरू हुई। फिर एक के बाद दूसरे गीतों से भोजपुरी स्वरों की मिठास फिजा में घुलती रही। लोग ताल में ताल मिलाते रहे।
अवसर था दशहरे मेले में निगम की ओर से आयोजित भोजपुरी हंगामा कार्यक्रम का। इसमें बिहार की भोजपुरी गायिका अन्नु दुबे ने कभी गीतों से कभी भजनों से श्रोताओं को सराबोर कर दिया। इस दौरान कभी देवी के दरबार में भजनों से अरदास की तो मस्ती भरे गीतों से खनकती आवाज से जादू चलाया।
अन्नु ने गणपति वंदना से कार्यक्रम की शुरूआत की। पनिया भरन चलदी जमना किनरवा...,आई ले मोरे राजा...जुग जुग जिया पिया क तांवनिबिया की डारिया....सहित कई गीत व भजन सुनाए। इससे पहले गायिका अन्नु दुबे का बिहार समाज विकास समिति के पदाधिकारियों ने स्वागत किया।
कोचिंग छात्र झूमे दर्शक दीर्घा में बड़ी संख्या में कोचिंग छात्र मौजूद थे। भोजपुरी गीतों के रंग में रंगे ये छात्र दिल खोलकर नाचते रहे।
कई छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी आए। नाचते थिरकते इन छात्रों को शांत करने के लिए पुलिस को बार बार समझाइश करनी पड़ी।
मतदान की शपथ दिलवाई भोजपुरी गायिका ने कार्यक्रम के प्रारंभ में विजयश्री रंगमंच से मौजूद जनसैलाब को 7 दिसम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की शपथ भी दिलाई। दुबे ने कहा कि देश के स्वच्छ व स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निर्भीक व निष्पक्ष मतदान जरूर करें।