
कोटा। सुल्तानपुर क्षेत्र के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कराड़िया इंटरचेंज के नजदीक रविवार अलसुबह हादसा हो गया। एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। सूचना मिलते ही सीमलिया थाना पुलिस और एक्सप्रेस-वे टोल प्लाजा एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एक्सप्रेस-वे टोल एंबुलेंस कम्पाउंडर दीपक शर्मा ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
थानाधिकारी नंदसिंह ने बताया कि हरियाणा के अंबाला निवासी चार लोग उज्जैन महाकाल के दर्शन करने गए थे। वहां से वापस लौटते समय सुबह 4 से 5 बजे के बीच कराड़िया इंटरचेंज के पास चालक को नींद की झपकी आने से कार आगे खड़े प्याज से भरे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे के बाद कार में आगे बैठे लोग फंस गए थे। पुलिस और एंबुलेंस टीम ने लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
दुर्घटना में 48 वर्षीय शिविश वशिष्ठ निवासी नारायणगढ़, अंबाला (हरियाणा) की मौत हो गई। वे कार में चालक के पास वाली सीट पर बैठे थे। वहीं सानिध्य (30), पुनीत (32) और रोहित (46) भी चोटिल हुए, जिन्हें कोटा चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के बाद कुछ वाहन हाईवे पर रुक गए थे।
इसी दौरान चालक प्याज से भरे ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। हालांकि बाद में पुलिस टीम ने उसे बूंदी जिले के लबान इंटरचेंज के पास से डिटेन कर लिया। कोटा चिकित्सालय की मोर्चरी में मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मृतक के बेटे सानिध्य की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
वाहन चालकों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर जगह-जगह रेस्ट एरिया बनाए गए हैं। इसके बावजूद कई चालक मनमर्जी से सड़क किनारे ट्रक खड़े कर देते हैं। वहीं एक्सप्रेस-वे किनारे अवैध रूप से संचालित दुकानों के पास भी बड़ी संख्या में ट्रक खड़े रहते हैं। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के लिए हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों ने एक्सप्रेस-वे पेट्रोलिंग व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है।