कोटा

खुल गया राज: आखिर कोटा के सर्किट हाउस, कलक्ट्री, अदालत और एमबीएस अस्पताल का ये निकला मालिक

भूमि रिकॉर्ड के अनुसार कलक्ट्री, जिला न्यायालय, सर्किट हाउस और एमबीएस अस्पताल के कुछ भाग का भी मालिक नगर विकास न्यास है।
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Updated: 24 Mar 2018, 10:28 AM IST
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जग्गोसिंह धाकड़. कोटा .

मल्टीपरपज स्कूल में नगर विकास न्यास की ओर से छात्रावास के लिए भूमि आवंटन करने के बाद उपजे विवाद का अभी निस्तारण नहीं हुआ है। इसी बीच पत्रिका ने पड़ताल की तो पाया भूमि रिकॉर्ड के अनुसार कलक्ट्री, जिला न्यायालय, सर्किट हाउस और एमबीएस अस्पताल के कुछ भाग का भी मालिक नगर विकास न्यास है। रिकॉर्ड के अनुसार इन सभी की जमीन नगर विकास न्यास के नाम दर्ज है। मौजूदा स्थिति में इन जगह पर कोई भी खाली भूभाग पर निर्माण के लिए नगर विकास न्यास से भूमि आवंटन कराना या एनओसी लेना आवश्यक है।

नगर विकास न्यास अपने अधिकार क्षेत्र के खाली भूखंडों का आवंटन किसी को भी कर सकता है, भले की उस पर कब्जा किसी भी विभाग का चला आ रहा है। राजस्व नियमों के जानकारों के अनुसार यदि एमबीएस अस्पताल और कलक्ट्री सहित अन्य विभाग चाहे तो इस रिकॉर्ड को दुरुस्त करा सकते हैं।

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सरकार के आदेश से हुआ सबकुछ
राज्य सरकार के एक आदेश के बाद शहर की पूरी सिवाचक जमीन नगर विकास न्यास के खाते दर्ज हो गई। उस समय समय जिन विभागों ने दस्तावेज पेश कर दिए उनकी कब्जे की जमीन उसकी विभाग या संस्था के नाम दर्ज हो गई। लाडपुरा तहसीलदार गजेन्द्र सिंह ने बताया कि राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन कराने की निर्धारित प्रक्रिया है। संबंधित अपने मालिकाना हक के दस्तावेज प्रस्तुत करके इसकी प्रक्रिया शुरू करवा सकते थे।

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उन्होंने नहीं दिया ध्यान
पूर्व यूआईटी सचिव आर.डी. मीणा ने कहा, कई साल पहले राज्य सरकार ने निर्देश दिए थे कि शहरी क्षेत्र की सिवायचक भूमि को नगर विकास न्यास के नाम दर्ज किया जाए। ये सभी सिवायचक में बने हुए थे, इसलिए अन्य भूमि के समय सर्किट हाउस, कोर्ट, कलक्ट्री और अस्पताल वाले खसरे भी न्यास के खाते में चले गए। यदि उस समय संबंधित विभाग ध्यान देते तो उनके नाम खातेदारी खुल जाती।


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करा लें संशोधन
यूआईटी अध्यक्ष आर.के. मेहता ने कहा कि राजस्व नियमों के अनुसार यदि संबंधित विभाग रिकॉर्ड में संशोधन कराना चाहे हैं तो नगर विकास न्यास को कोई आपत्ति नहीं होगी।

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