
कोटा। कोटा में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के निर्माण कार्य को भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। जरूरी स्वीकृतियां व औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मई 2025 से हवाई अड्डे का निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस हवाई अड्डे से दिसंबर 2027 तक हवाई जहाजों की उड़ान शुरू किया जाएगा। पायलटों के प्रशिक्षण के लिए फ्लाइंग क्लब व फ्लाइंग स्कूल भी खोला जाएगा। संसद भवन में बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक में परियोजना को लेकर कई निर्णय किए गए।
बिरला की अध्यक्षता में हुई बैठक में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के चेयरमैन, अधिकारी व राजस्थान के सार्वजनिक निर्माण विभाग, वन विभाग समेत अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हाइब्रिड मोड में आयोजित की गई। इसमें हवाई अड्डे के निर्माण की प्रगति, पर्यावरणीय पहलुओं, और अन्य आवश्यक स्वीकृतियों की समीक्षा की गई।
राजस्थान के वन विभाग के हेड ऑफ फॉरेस्ट अरीजीत बनर्जी ने बताया कि हवाई अड्डे के निर्माण के लिए भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय से भूमि हस्तांतरण की अनुमति प्राप्त हो गई है। राजस्थान सरकार के वन विभाग ने भी इस परियोजना को स्वीकृति दे दी है। स्पीकर ओम बिरला की पहल पर पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से केडीए की ओर से 10 हजार नए पेड़ भी लगाए जाएंगे।
परियोजना की डीपीआर अंतिम चरण में है, जिसे इसी महीने पूरा किया जाएगा। परियोजना के पहले चरण में 1005 एकड़ क्षेत्रफल में 3200 मीटर लंबी हवाई पट्टी, 7 पार्किंग, 20000 वर्ग मीटर टर्मिनल बिल्डिंग, 14 चैक-इन काउंटर, 2 कन्वेयर बेल्ट के साथ सलाना 20 लाख यात्रियों के लिए परिवहन सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
25 किलोमीटर दूर कोटा शहर से
1005 एकड़ क्षेत्र में निर्मित होगा
3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनेगा
7 विमान पार्किंग क्षेत्रों का निर्माण होगा
प्रति वर्ष 20 लाख यात्रियों और प्रति घंटे 1,000 यात्रियों की क्षमता प्रदान करेगा
4 लेन की 30 मीटर संपर्क सडक़ बनेगी, जो नेशनल हाइवे-52 को जोड़ेगी