
कोटा. मानसून ने दस्तक दे दी है। झुलसाती तेज गर्मी से तपती धरती पर अब आसमान से राहत की बूंदें गिरना शुरू हो गई हैं। धरती की प्यास बुझेगी। मौसम मेहरबान होगा तो प्रकृति की छटा बिखरेगी। धरती हरियाली की ओढऩी ओढऩे को बेताब है। सबकुछ हरा-हरा होने को है, लेकिन फिर भी कुछ जगह धरती पर बहता पानी नहीं रुक पाएगा। कोई क्षेत्र बंजर नहीं होगा, हर जगह गर्मी में छांव होगी और सर्दी में फल-फूल होंगे। क्षेत्र के जनमानस को साथ लेकर अब भूमि को हरा-भरा बनाया जाएगा और इसके लिए राजस्थान पत्रिका और एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट मिलकर प्रयास करेंगे। शहर के विभिन्न समाज, संगठन और संस्थान भी इसमें जुड़ेंगे। दोनों संस्थान शहर के आमजन के साथ मिलकर दो लाख से अधिक पौधे लगाएंगे। यही नहीं इस वर्ष से पौधारोपण को शहर के संस्कारों के साथ जोडऩे का प्रयास किया जाएगा। घर-घर के कार्यक्रम में पौधारोपण को शामिल किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए जा सकें।
उल्लेखनीय है कि दोनों ही संस्थानों ने मिलकर गत वर्ष एक लाख पौधे लगाए थे। इस दौरान शहर के हर बड़े क्षेत्र को कवर किया था। इस साल अभियान का आगाज आठ जुलाई से होगा।
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सुरक्षित स्थानों पर ही लगेंगे
पौधारोपण के लिए प्रयास ऐसे किए जाएंगे कि चयनित स्थान सुरक्षित हों। शहर के स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय की चारदीवारी के भीतर, अस्पताल-डिस्पेंसरी, मंदिर, खेल मैदान समेत सभी ऐसे स्थानों का चयन किया जाएगा, जहां वर्षभर पौधों की देखभाल की जा सके। जहां पौधारोपण होगा, वहां संबंधित व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। वर्षभर पौधों के लिए पानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
दूर दराज के बच्चे देंगे हमें सेहत
एलन के निदेशक राजेश माहेश्वरी ने बताया कि गत वर्ष से ही राजस्थान पत्रिका और एलन द्वारा पौधारोपण की एक मुहीम शुरू की गई थी। इसके तहत एलन में पढऩे वाले हर विद्यार्थी को एक पौधा लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी। विद्यार्थियों ने एलन परिसर, हॉस्टल परिसर, आस-पास के बाग-बगीचों में पौधे लगाए थे। यही नहीं इन पौधों के साथ संकल्प भी लिया था, विद्यार्थियों द्वारा प्रयास भी किया गया कि वर्षभर पौधे का ध्यान रखा जाए। इसी तर्ज पर इस वर्ष भी यह अभियान चलाया जाएगा और हर विद्यार्थी को एक पौधे की जिम्मेदारी दी जाएगी।