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Kota News : महंत देवानंद महाराज का स्मार्टफोन खोलेगा हत्या का राज, कई अहम सुराग मिले

Kota Mahant Devanand Murder Case : चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। घटना के पांचवें दिन भी पुलिस सीधे तौर पर हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई। मामले की जांच कर रही एसआइटी लगातार गहन पड़ताल में जुटी हुई है।
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Updated: 10 Jun 2026, 7:00 AM IST
Mahant Devanand Maharaj
महंत देवानंद महाराज की फाइल फोटो: पत्रिका

Kota Mahant Devanand Murder Case : कोटा। चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। घटना के पांचवें दिन भी पुलिस सीधे तौर पर हत्यारों तक नहीं पहुंच पाई। मामले की जांच कर रही एसआइटी लगातार गहन पड़ताल में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार, एसआइटी को महंत के जब्त किए स्मार्टफोन से कुछ महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं पुलिस टीमों ने अब तक एक साध्वी समेत करीब चार दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इस बीच लाखेरी क्षेत्र स्थित एक मठ में भी पुलिस ने दोबारा छापेमारी की है।

कॉल डिटेल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल

पुलिस ने महंत के मोबाइल डेटा, कॉल हिस्ट्री और नियमित संपर्कों की जांच शुरू कर दी है। जांच टीम को उम्मीद है कि मोबाइल में दर्ज जानकारियां हत्यारों तक पहुंचने का रास्ता खोल सकती हैं। मोबाइल से प्राप्त कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों के दौरान जिन लोगों से महंत की सबसे अधिक बातचीत हुई, उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि हत्या से पहले महंत किन लोगों के संपर्क में थे और उनकी गतिविधियों में कोई असामान्य बदलाव तो नहीं आया था।

गुत्थी सुलझाने में मोबाइल डेटा अहम

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में मोबाइल डेटा सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है। इसी आधार पर पूछताछ का दायरा भी बढ़ाया गया है। फिलहाल जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू पर काम कर रही हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से जल्द ही मामले में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।

26 वार, फिर भी किसी ने नहीं सुनी चीख?

महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्ष सामने आने के बाद जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है। सूत्रों के अनुसार, महंत के शरीर पर 26 से अधिक गंभीर घाव पाए गए। अधिकांश चोटें पीठ पर थीं और धारदार हथियार से किए गए वारों के कारण शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचा। रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि हत्या बेहद बर्बर तरीके से की गई। इसी बीच जांच एजेंसियों के सामने कई ऐसे सवाल खड़े हुए हैं, जिनके जवाब तलाशे जा रहे हैं। एसआइटी का मानना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिले तथ्य हत्या की प्रकृति और घटनाक्रम को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। अब तक 40 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। फिलहाल जांच के हित में इससे अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

  • तेजस्वनी गौतम, सिटी एसपी
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