26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kota Mahant Devanand Murder: करोड़ों की जमीन और बैंक बैलेंस, फिर भी बिना सुरक्षा के क्यों थे महंत देवानंद?

कोटा के चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद की हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारक मठ में केवल एक कर्मचारी की ड्यूटी है और रात में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती। करोड़ों की जमीन और बैंक बैलेंस होने के बावजूद यहां सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Arvind Rao

•

Updated: 7 Jun 2026, 11:10 AM IST

Kota Mahant Devanand Murder Case

Kota Mahant Devanand Murder Case (Patrika Photo)

कोटा: चंद्रेसल मठ में मायापुरी अखाड़े के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार रात करीब 11 बजे महंत की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड ने मठ परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी। चंद्रेसल मठ के नाम करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि और करोड़ों की बैंक जमा राशि है। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था लगभग नगण्य है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगे हैं। जंगली और सुनसान क्षेत्र में स्थित होने के कारण पुलिस के लिए भी हत्यारों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।

चंद्रेसल मठ पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारकों में शामिल है। पुरातत्व विभाग की ओर से यहां केवल एक कर्मचारी को ड्यूटी के लिए नियुक्त किया गया है। रात के समय परिसर में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं रहती। सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था भी नहीं है।

पहले यहां सुरक्षा गार्ड तैनात थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से गार्डों की व्यवस्था भी नहीं की गई। ट्रस्टियों ने हाल ही प्रशासन को ज्ञापन देकर सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने की मांग की थी। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।

हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

महंत देवानंद महाराज की हत्या के मामले को लेकर संत समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश उपाध्यक्ष छगन माहुर को ज्ञापन सौंपा। माहूर ने प्रदेश अध्यक्ष को मामले की विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद राठौड़ ने कोटा के पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर से फोन पर बातचीत कर घटना पर कड़ी नाराजगी जताई तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत दुखद बताया और हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता पंकज मेहता ने भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

इधर, ब्राह्मण कल्याण परिषद ने हत्याकांड की निंदा करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष धर्मेंद्र दीक्षित ने चेतावनी दी कि यदि रविवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

मंदिर के खाते में 4 करोड़ 33 लाख जमा

चन्द्रेसल मठ महादेव के खाते में 4 करोड़ 33 लाख 13 हजार 31 रुपए की राशि जमा है। मठ के अधीन छह राजस्व ग्रामों में भूमि राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है। इनमें ग्राम चन्द्रेसल में 56 खसरे (कुल रकबा 43.70 हेक्टेयर), रंगतालाब बारी कालातालाब में 2 खसरे (कुल रकबा 9.45 हेक्टेयर), दसलाना में 1 खसरा (कुल रकबा 0.55 हेक्टेयर), देवली मछियान में 4 खसरे (कुल रकबा 2.96 हेक्टेयर), नोटाना में 3 खसरे (कुल रकबा 0.7180 हेक्टेयर) तथा रामखेड़ली में 2 खसरे (कुल रकबा 0.40 हेक्टेयर) दर्ज हैं।

मठ की इन भूमियों का रखरखाव उपखंड स्तरीय स्थायी समिति की ओर से नीलामी के माध्यम से किया जाता है। तहसील लाडपुरा प्रतिवर्ष नीलामी बोली के माध्यम से काश्त के लिए भूमि आवंटित करती है। पिछले पांच वर्षों में नीलामी के माध्यम से भूमि काश्त से 1 करोड़ 54 लाख 27 हजार 800 रुपए की आय हुई, जबकि बैंक में जमा पूंजी पर ब्याज से 44 लाख 75 हजार 5 रुपए प्राप्त हुए।

इस प्रकार कुल आय 1 करोड़ 99 लाख 2 हजार 805 रुपये रही। इसी अवधि में मठ के खाते से 14 लाख 44 हजार 673 रुपए व्यय किए गए। लेकिन इस व्यय राशि का ऑडिट नहीं किया गया।

वर्तमान में 31 जनवरी 2026 के रिकॉर्ड के अनुसार, मंदिर के खाते में कुल 4 करोड़ 33 लाख 13 हजार 31 रुपए जमा हैं। यह जानकारी लाडपुरा विधायक कल्पना देवी की ओर से विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में राज्य सरकार ने उपलब्ध कराई थी।

बड़ी खबरें

View All

कोटा

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग