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महंत देवानंद हत्याकांड: IG-SP, 12 RPS और 100 जवान मिलकर भी नहीं लगा पा रहे मर्डर का सुराग, चौथे दिन भी हाथ खाली

Rajasthan News: कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ कोई बड़ा सुराग नहीं लग पाया है। आईजी, एसपी समेत 12 आरपीएस अधिकारियों और 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम लगातार जांच में जुटी है।

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कोटा

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Akshita Deora

Jun 09, 2026

Mahant Devanand Maharaj

महंत देवानंद महाराज की फाइल फोटो: पत्रिका

Kota Mahant Devanand Murder: कोटा के चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज हत्याकांड में पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा जांच तंत्र सक्रिय होने के बावजूद कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली है। चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ है। कोटा रेंज आइजी हरेंद्र महावर, सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम, 12 आरपीएस और 100 से अधिक पुलिसकर्मी तहकीकात में जुटे हैं, लेकिन हत्यारों तक पहुंचने वाला ठोस सुराग अब तक हाथ नहीं लगा है। पुलिस ने अब तक एक दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन किसी से भी ऐसा इनपुट नहीं मिला, जिससे सीधे आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

दूसरे संत के संपर्क में रहने वालों से पूछताछ

सूत्रों के अनुसार पुलिस एक ऐसे संत से भी लगातार पूछताछ कर रही है, जो महंत के संपर्क में रहता था। पुलिस उसके परिचितों और संपर्क सूत्रों की भी पड़ताल कर रही है। जानकारों का कहना है कि महंत देवानंद महाराज के मोबाइल पर लास्ट कॉल भाई का आया था। मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल की जांच की जा रही है। इसमें कुछ अहम सुराग मिले हैं, इस दिशा में आगे तेजी से आगे बढ़ा दी है।

  1. कैमरा ट्रेसिंग टीम : घटना स्थल से करीब 100 किमी के दायरे तक लगे कैमरों की तलाश और फुटेज की जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है।
  2. ग्राउंड इंटेलिजेंस टीम : चंद्रेसल मठ और आसपास के गांवों में लोगों से बातचीत कर हर संभावित एंगल पर जानकारी जुटा रही है।
  3. डीएसटी निगरानी टीम : शहर के संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखकर पूछताछ कर रही है और वारदात के दिन उनकी गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
  4. मोबाइल लोकेशन टीम : घटनास्थल और आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का लोकेशन डेटा, कॉल डिटेल और तकनीकी पैटर्न खंगाल रही है।

चौथे दिन भी पुलिस को नहीं मिली सफलता

चंद्रेसल मठ के संत देवानंद महाराज हत्याकांड में चौथे दिन भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित विशेष जांच दल (एसआइटी) लगातार जांच में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया है, जिससे सीधे हत्यारों तक पहुंचा जा सके। इस बीच पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई जिलों में महंत से जुड़े लोगों, पुराने संपर्कों और हाल के घटनाक्रमों की पड़ताल शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियां महंत की पिछले कुछ महीनों की गतिविधियों, उनसे मिलने आने वाले लोगों तथा मठ से जुड़े प्रशासनिक मामलों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि हत्या से पहले महंत के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और हाल के दिनों में किसी प्रकार का विवाद या तनाव तो नहीं हुआ था।

मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच

जांच टीम मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा मठ और आश्रम से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच से कुछ महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं। हालांकि, अब तक जांच में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है, जो किसी एक संदिग्ध या किसी विशेष एंगल की ओर स्पष्ट रूप से इशारा करता हो। इधर, पुलिस आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों और हाल ही जेल से रिहा हुए व्यक्तियों का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। साथ ही, मठ से जुड़े आर्थिक और प्रशासनिक दस्तावेज की समीक्षा की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी अप्रत्यक्ष विवाद का इस घटना से संबंध तो नहीं है।

जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही : एसपी

सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार दिन-रात काम कर रही हैं। जांच के हर पहलू को गंभीरता से लिया जा रहा है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक टीम को कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली है, लेकिन जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाई गई हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला सामान्य हत्या की घटनाओं से अलग और संवेदनशील है, इसलिए हर तथ्य की गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल एसआइटी का पूरा फोकस घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने और ऐसे साक्ष्य जुटाने पर है, जिनके आधार पर आरोपियों तक पहुंचा जा सके।