
कोटा. सीमलिया थाना क्षेत्र के गांव वल्लभपुरा में लाठी से वार कर श्रमिक का हाथ तोडऩे के मामले में ग्रामीण एसपी राजन दुष्यंत ( Superintendent of Police ) ने हैड कांस्टेबल को लाइन हाजिर ( Line Hazir ) कर दिया। वहीं पुलिस उपाधीक्षक ने पीडि़त श्रमिक के बयान दर्ज कर उसकी रिकॉर्डिंग की।
BIG News: आरोप: नमाज पढ़कर घर लौट रहा युवक के सिर पर पुलिस ने मारा लठ, फिर लात-घूंसों से जमकर पीटा
सीमलिया थाना क्षेत्र के गांव भट्टीपुरा निवासी रामलाल ने बुधवार को आईजी बिपिन कुमार पाण्डेय को ज्ञापन सौंपा। इसमें बताया कि 14 जून को वह वल्लभपुरा में मुमताज अली के निर्माणाधीन मकान में मरम्मत का काम कर रहा था। तभी सीमलिया थाने के हैड कांस्टेबल महेन्द्र चौधरी, संदीप व सुरेश मेहता आए। पुलिसकर्मियों ने उसे बुलाया और हैड कांस्टेबल महेन्द्र चौधरी ने डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। इससे उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उसने कार्रवाई की मांग की।
कोटा ग्रामीण वृत्ताधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जांच शुरू की है। पीडि़त के बयान दर्ज किए हैं, रिकॉर्डिंग भी करवाई गई। प्रारंभिक जांच में पता लगा है कि पुलिस को वल्लभपुरा निवासी मुमताज के घर सट्टा चलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। मुमताज आधा दर्जन बार सट्टे के मामले में सजायाफ्ता है। इसके अलावा उसके खिलाफ दो जानलेवा हमले के मामले भी दर्ज हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों ने उसके घर के बाहर संदिग्ध अवस्था में खड़े लोगों को हिरासत में लेकर जीप में बैठाया तो मुमताज के परिजन व अन्य लोगों की भीड़ लग गई।
पुलिस पर दबाव बनाकर उन्हें जीप से उतारने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने जीप से उतरने से रोकने के लिए रामलाल का हाथ पकड़कर खींचा तो उसकी बाएं हाथ की छोटी अंगुलियों के नीचे फ्रेक्चर हो गया। हैड कांस्टेबल महेन्द्र चौधरी को लाइन हाजिर किया है।
मामले की जांच चल रही है। हैड कांस्टेबल को लाइन हाजिर किया है।
राजन दुष्यन्त, पुलिस अधीक्षक, कोटा ग्रामीण