Good News : कोटा में अब भामाशाह मंडी का विस्तार होगा। स्पीकर ओम बिरला ने कोटा की तस्वीर बदलने को कई निर्देश दिए। अफसरों को भामाशाह मंडी के लैंड डायवर्जन-डीपीआर प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। इसके साथ कुछ और भी निर्देश दिए, जानें।
Good News : लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कोटा स्थित कैंप कार्यालय में प्रशासन, वन विभाग, केडीए, नगर निगम और मंडी अधिकारियों के साथ बैठक कर शहर व क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में भामाशाह मंडी विस्तार, एग्रो पार्क की स्थापना, बरसाती पानी की निकासी, पार्कों का विकास और सिंचाई सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए और डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) बनाने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि टेंडर प्रक्रिया भी समय पर आगे बढ़ सके।
ओम बिरला ने निर्देश दिए कि सभी आवश्यक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वित्तीय स्वीकृति के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे जाएं तथा लैंड डायवर्जन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही, अतिक्रमण हटाने और मंडी को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा।
एशिया की सबसे बड़ी भामाशाह कृषि उपज मंडी के विस्तार का करीब 10 साल का इंतजार खत्म हुआ। राज्य सरकार, फिर राज्य के वन विभाग और राज्य के वन्य जीव विभाग की अनुमति मिल गई थी। इसके बाद फाइल नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ (NBWL) में गई थी, जहां से अब स्वीकृति मिल गई है। इसके लिए कोटा मंडी प्रशासन और भामाशाह कृषि उपज मंडी की ग्रेन एंड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन लंबे समय से प्रयासरत थी।
ओम बिरला ने भामाशाहमंडी के निकट एग्रो इंडस्ट्री पार्क स्थापित करने के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फल-सब्जी मंडी के विस्तार तथा आवश्यकता अनुसार अन्य स्थान पर स्थानांतरण की संभावनाओं पर भी प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
लोकसभा अध्यक्ष ने परवन परियोजना से सिंचाई के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना पूर्ण होने पर किसानों को तुरंत लाभ मिल सके और अधिक से अधिक क्षेत्र सिंचाई के दायरे में आ सके।
बैठक में देवली अरब रोड स्थित स्मृति वन के विकास पर भी चर्चा हुई। यहां वॉकिंग ट्रैक और योग शेड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में नए पार्क विकसित करने और झालावाड़ रोड पर साइकिल ट्रैक बनाने के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।