
कोटा. हत्या, हत्या का प्रयास और धोखाधड़ी समेत कई संगीन मामलों के हजारों अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। इनमें से कोर्ट ने किसी को भगोड़ा घोषित किया हुआ है तो किसी के स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर रखे हैं। पुलिस ने ऐसे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान भी चलाया हुआ है।
इसके बावजूद हालत यह है कि संभाग के पांच जिलों में करीब 15 हजार अपराधी ऐसे हैं, जो पुलिस गिरफ्त से दूर हैं। ऐसे शातिर अपराधी लम्बे समय से पुलिस को छका रहे हैं। वर्तमान में चल रहे अभियान के तहत 15 दिन में संभाग में करीब दस फीसदी से भी कम 1365 अपराधियों को पकड़ा गया है।
सर्वाधिक फरार अपराधी कोटा में
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार संभाग के 5 जिलों में 14393 अपराधी हैं, जो पुलिस की पकड़ में नहीं आए। इनमें सर्वाधिक 5891 सिर्फ कोटा शहर में हैं। इनमें से 4070 स्थायी वारंटी, 1133 गिरफ्तारी वारंटी, 127 उद्घोषित अपराधी, 222 भगोड़े व 173 (8) में लम्बित 101 अपराधी हैं, जबकि सबसे कम 1717 कोटा ग्रामीण में हैं। बूंदी में 1760, बारां में 3097 व झालावाड़ में 1929 अपराधी वांछित हैं।
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सर्वाधिक कार्रवाई के बाद भी सफलता कम
पुलिस मुख्यालय की ओर से ऐसे अपराधियों की धरपकड़ के लिए 1 जून से अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत 15 दिन में कोटा शहर ने सर्वाधिक 374 अपराधियों को गिरफ्तार किया, लेकिन इसके बावजूद सफलता मात्र 6 फीसदी है। कोटा ग्रामीण ने 257 अपराधियों को गिरफ्तार कर 15 फीसदी, बूंदी ने 117 को गिरफ्तार कर 7 फीसदी, बारां ने 357 को गिरफ्तार कर 12 फीसदी व झालावाड़ ने 210 को गिरफ्तार कर 11 फीसदी सफलता हांसिल की है।