कोटा

Bear Attack: कोटा थर्मल पावर प्लांट में घूम रहा भालू, पीछे से कर्मचारी पर किया हमला, संभलने का नहीं मिला मौका

Bear Attack: कोटा थर्मल परिसर में रविवार को एक कर्मचारी पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई, जब कर्मचारी नितिन मिश्रा शाम के समय कैंटीन से लौट रहे थे।

2 min read
Apr 20, 2026
घायल कर्मचारी नितिन मिश्रा (फोटो-पत्रिका)

कोटा। थर्मल पावर प्लांट परिसर में रविवार शाम एक कर्मचारी पर भालू के हमले की घटना सामने आई, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, प्लांट में कार्यरत कर्मचारी नितिन मिश्रा अपनी ड्यूटी के दौरान कैंटीन से लौट रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे एक भालू ने अचानक पीछे से उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और उनके कपड़े फट गए, साथ ही सीने पर खरोंचें आ गईं।

हमले के बाद नितिन मिश्रा की चीख सुनकर आसपास मौजूद अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और शोर मचाते हुए भालू को भगाया। इसके बाद घायल कर्मचारी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। राहत की बात यह रही कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों में डर का माहौल बन गया है।

ये भी पढ़ें

Heatwave Alert: राजस्थान में हीटवेव की चेतावनी, 21-22-23-24 अप्रेल को इन जिलों में ‘आग उगलेगा’ सूरज

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस मामले में भारतीय मजदूर संघ की थर्मल इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्लांट परिसर में वन्यजीवों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है और कई बार संबंधित अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

पहले से जंगली जानवरों की मौजूदगी

कर्मचारियों का कहना है कि चंबल नदी के पास स्थित इस इलाके में भालू और अन्य जंगली जानवरों की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है। हाल ही में वन विभाग द्वारा कर्मचारियों को जागरूक करने के लिए एक सेमिनार भी आयोजित किया गया था, लेकिन कर्मचारियों का मानना है कि केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, जब तक सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए जाते।

वन चौकी स्थापित करने की मांग

घटना के बाद कर्मचारियों ने मांग उठाई है कि प्लांट परिसर में घूम रहे वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए। साथ ही, जब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं होती, तब तक संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की स्थायी चौकी स्थापित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

ये भी पढ़ें

PM मोदी के आगमन से पहले पचपदरा रिफाइनरी में हड़कंप, लोकार्पण से 24 घंटे पहले यूनिट में लगी भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार
Published on:
20 Apr 2026 04:40 pm
Also Read
View All