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कोटा की प्राइम लोकेशन पर यूआईटी बनाएगी आवासीय कॉलोनी, 25 करोड़ का पार्क और लग्जरी होंगी सुविधाएं!

लोकसभा चुनाव के बाद यूआईटी कोटा की प्राइम लोकेशन पर आवासीय कॉलोनी बनाने जा रही है। यहां सुविधाएं भी लग्जरी होंगी।
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Apr 03, 2019
New Residential colony Make in kota
कोटा की प्राइम लोकेशन पर यूआईटी बनाएगी आवासीय कॉलोनी, 25 करोड़ का पार्क और लग्जरी होंगी सुविधाएं!

कोटा. राज्य सरकार ने बंद उद्योग आईएल की जमीन 1 अप्रेल को नगर विकास न्यास को सौंप दी। लोकसभा चुनाव के बाद कारखाना परिसर और टाउनशिप की जमीन के उपयोग का प्लान नगर विकास न्यास द्वारा तैयार किया जाएगा। कारखाने के जमीन पर आवासीय योजना विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए जल्द ही सर्वे शुरू होगा। टाउनशिप की जमीन पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत करीब 25 करोड़ की लागत से ऑक्सीजोन बनाया जाएगा।

यूआईटी सचिव भवानीसिंह पालावत ने बताया कि आईएल फैक्ट्री बंद होने के बाद टाउनशिप की चल-अचल सम्पत्तियां लावारिस पड़ी थी। क्वार्टर्स में समाजकंटकों का जमावड़ा रहता था। कुछ लोगों ने यहां पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंचाया है। कॉलोनी में लाइट बंद पड़ी है। यूआईटी ने बिजली कनेक्शन ले लिया है और रोड लाइटें ठीक करने का काम शुरू कर दिया। न्यास ने अपने सुरक्षा गार्डों की संख्या और बढ़ाई है। अभी न्यास प्रशासन ने जमीन का सर्वे करने का कार्य शुरू कर दिया है। सर्वे पूरा होते ही सीनियर टाउन प्लानर टाउनशिप व ऑक्सीजोन विकसित करने का प्लान तैयार करेंगे।

आईएल फैक्ट्री व कॉलोनी की कुल 178 एकड़ जमीन है। इसमें फैक्ट्री की करीब 53 एकड़ व कॉलोनी की करीब 125 एकड़ जमीन है। राज्य सरकार ने यूआईटी को यह जमीन सौंप दी। कॉलोनी में थियेटर, सद्भावना हॉल व रेस्ट हाउस बना हुआ है। इसी परिसर में बैंक व पोस्ट आफिस भी संचालित है। उन्हें अन्यत्र शिफ्ट करने को बोला है।

यूआईटी सचिव पालावत ने बताया कि सैद्धांतिक रूप से जमीन पहले हैण्डओवर हो चुकी थी, लेकिन मौके पर कब्जा एक अप्रेल को लिया है। जहां आवासीय क्षेत्र है, वहां ऑक्सीजोन तैयार किया जाएगा। इसके लिए सभी पक्के मकानों को तोड़कर वहां फुटपाथ, गार्डन व सड़कें बनाई जाएंगी। थियेटर, सद्भावना हॉल व रेस्ट हाउस का जीर्णोद्धार करवाया जाएगा।

ऑक्सीजोन ईपीएस : पानी की व्यवस्था करेंगे
उन्होंने बताया कि कॉलोनी में दो पम्प हाउस हंै, जो कई दिनों से बंद पड़े हैं। उन्हें ठीक करवाकर पानी की व्यवस्था की जाएगी। इससे पेड़-पौधों को भी सूखने से बचाया जाएगा। उन्होंने कहा, परिसर की टूटी दीवारों को ठीक व ऊंचा करवाया जाएगा। फैंसिंग भी करवाई जाएगी।

Published on:
03 Apr 2019 09:49 am