कोटा

आनंदपाल एनकाउंटर के बाद भी राजस्थान में बुलंद हैं इन 2 गैंग के हौसले, गवाह को धमकाने के लिए कोर्ट में ही भिड़े

राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर लाला बैरागी और भानू प्रताप सिंह की गैंग में कोटा के अदालत परिसर में खुलेआम भिड़ंत हो गई।

2 min read
Dec 02, 2017
Clashed in Kota Court, Lala Bairagi Gang Rajasthan, Bhanu Pratap Gang Rajasthan, Anand Pal Singh Gang Rajasthan, Crime in Kota, Crime News Kota, Kota Police, Kota Patrika, Rajasthan Patrika Kota
Lala Bairagi and Bhanu Pratap Gang clashed in kota court

गैंगस्टर लाला बैरागी की हत्या के मामले में गवाही देने कोटा की कोर्ट में पहुंचे गवाहों को भानू प्रताप गैंग के गुर्गों ने खुले आम धमका दिया। जिसके बाद दोनों गैंग के लोग अदालत परिसर में एक दूसरे से भिड़ गए। हालात बिगड़ने पर भारी पुलिस जाप्ता कोर्ट परिसर पहुंचा। जिसके बाद हालात पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को धर दबोचा।

9 साल पहले हुई हत्या में देनी थी गवाही

उद्योग नगर थाना क्षेत्र स्थित देवली अरब रोड पर करीब 9 साल पहले गैंगस्टर लाला बैरागी की कुछ लोगों ने गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने नंदू उर्फ नंद किशोर, सत्येन्द्र उर्फ भाया, रमेश दौतपुरिया, धर्मेन्द्र कुमार व भीमसिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर इन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले की एससी एसटी अदालत में सुनवाई के दौरान फरियादी पक्ष के दो गवाह शम्भू सिंह व लालचंद के बयान होने थे। सुनवाई के दौरान दोनों गुटों के काफी संख्या में लोग अदालत परिसर में मौजूद थे।

छावनी में तब्दील हो गया कोर्ट परिसर

एक गुट का आरोप है कि दूसरे गुट के लोगों ने गवाहों को उनके पक्ष में गवाही देने के लिए धमकाया। इससे उनके गुट में आक्रोश हो गया। इस बात को लेकर दोनों गुटों में धक्का-मुक्की हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना कि कुछ लोगों के साथ मारपीट भी हुई है। परिसर में माहौल बिगड़ने की सूचना मिलने पर एएसपी अनंत कुमार, उप अधीक्षक शिव भगवान गोदारा, नयापुरा सीआई हरीश भारती समेत अन्य थानाधिकारी और आरएसी का जाप्ता मौके पर पहुंचा। जिससे अदालत परिसर छावनी बन गया। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर किया।

पुलिस ने गिरफ्तार किए 17 लोग

सीआई हरीश भारती ने बताया कि परिसर में हंगामा व शांतिभंग करने पर 17 जनों को गिरफ्तार किया है। जिसमें दोनों गुटों के लोग शामिल है। सभी को तहसीलदार के समक्ष पेश किया गया। जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया। सीआई ने बताया कि गवाह से मारपीट जैसी बात सामने नहीं आई है। मारपीट भी एक ही गुट के लोगों में हुई थी। इधर, विशिष्ट लोक अभियोजक कमलकांत शर्मा ने बताया कि इस मामले में दोनों गवाहों शम्भू सिंह व लालचंद के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई के दौरान रमेश दौलतपुरिया, सत्येन्द्र भाया समेत अन्य आरोपित पेश हुए थे। अब इस मामले में 8 से 10 जनवरी तक सुनवाई होगी।

Published on:
02 Dec 2017 11:42 am