कोटा

अगले 10 दिन में नहीं करवाया राशन कार्ड का ये काम तो विभाग करेगा उपभोक्ताओं से वसूली

Logistics Department Started Give Up Campaign: योजना के तहत अपात्र पाए जाने वाले उपभोक्ताओं से 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से वसूली की तैयारी शुरू कर दी है।

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Jan 21, 2025

Rajasthan News: खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं लेने वाले अपात्र लोगों का झूठ जल्द ही सामने आने वाला है। इसके लिए रसद विभाग ने तैयारी शुरू कर ली है। विभाग का गिवअप अभियान अभी जारी है। अपात्र लोग अभी स्वैच्छा से अपना नाम हटवा सकते हैं। इसके बाद विभाग की ओर से उनसे 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से वसूली की जाएगी।

रसद विभाग की ओर से गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत खाद्य सुरक्षा के तहत गेहूं लेने वाले सक्षम लोग स्वैच्छा से योजना में से अपना नाम हटवा सकते हैं। यह अभियान विभाग की ओर से 31 जनवरी तक चलाया जाएगा। इसके बाद विभाग की ओर से खाद्य सुरक्षा से जुड़े उपभोक्ताओं की जांच की जाएगी। यह सभी जांच ऑनलाइन होगी। इसमें उपभोक्ताओं के बैंक खाते और परिवहन विभाग आदि से जानकारी जुटाई जाएगी। इसमें योजना के तहत अपात्र पाए जाने वाले उपभोक्ताओं से 27 रुपए प्रतिकिलो के हिसाब से वसूली की तैयारी शुरू कर दी है।

एक हजार लोगों ने छोड़ी पात्रता

जिले में अब तक रसद विभाग की गिव अप योजना से सक्षम व्यक्तियों में जागरूकता आई है। अब तक जिले में करीब एक हजार कार्ड धारक गिव-अप अभियान में अपनी पात्रता छोड़ चुके हैं। इसके लिए राशन की दुकानों पर गिव-अप फार्म भरे जा रहे है। इच्छुक व्यक्ति निकटवर्ती राशन की दुकान पर गिव-अप अभियान का फार्म भरकर राशन की दुकान पर ही जमा करा सकते हैं। स्वेच्छा से नाम हटवाने पर कोई वसूली नहीं की जाएगी।

स्वेच्छा से हटवाएं नाम, नहीं तो होगी वसूली

रसद विभाग के गिव-अप अभियान के तहत सक्षम लोग खाद्य सुरक्षा योजना में नाम हटवा सकते हैं। उनसे किसी प्रकार की वसूली नहीं होगी। 31 जनवरी के बाद सक्षम उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी।

हितेश जोशी, जिला रसद अधिकारी, चित्तौड़गढ़

ऐसे पकड़े जाएंगे अपात्र लोग

खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से केवाईसी कराई गई है। इसके तहत लाभार्थियों के राशन कार्ड, आधार कार्ड जुड़ गए हैं। आधार कार्ड से पैन कार्ड लिंक है। पैन कार्ड से बैंक खाता जुड़ा होने के कारण खाते में आने वाले भुगतान और आईटीआर आदि की जानकारी मिल जाएगी। साथ ही परिवहन विभाग को सूची भेजकर उनके नाम से रजिस्टर्ड चार पहिया वाहनों की जानकारी निकलवाई जाएगी। इससे अपात्र उपभोक्ता तुरंत पकड़ में आएंगे और उनसे वसूली की जाएगी।

Published on:
21 Jan 2025 02:16 pm
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