कोटा

बूंदी बस हादसा : करुण क्रंदन से लोकसभा अध्यक्ष के छलके आंसू ..जब एक साथ जली 21 चिताएं

Bundi bus accident मेज नदी में बस हादसे में 24 लोगों की मौत के बाद हाहाकार
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Feb 26, 2020
बूंदी बस हादसा : करुण क्रंदन से लोकसभा अध्यक्ष के छलके आंसू ..जब एक साथ जली 21 चिताएं
बूंदी बस हादसा : करुण क्रंदन से लोकसभा अध्यक्ष के छलके आंसू ..जब एक साथ जली 21 चिताएं

कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर लाखेरी के पास मेज नदी में बस हादसे में 24 लोगों की मौत के बाद हाहाकार मच गया। कोटा किशोरपुरा मुक्तिधाम में मृतकों का अंतिम संस्कार गया। अन्त्येष्टि में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी शामिल हुए। हादसे की सूचना मिलते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दिल्ली से हैलीकॉफ्टर से शाम करीब 5 बजे कोटा पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष एयरपोर्ट से सीधे किशोरपुरा मुक्तिधाम पहुंचे और अंत्येष्टि में शामिल हुए। बिरला भी एक साथ 22 शवों की चिता को देखकर भावुक हो गए। उनकी आँखों से आंसू छलक पड़े। इस घटना से हर कोई शख्स गमजदा नजर आया

जवाहर नगर निवासी अशोक वर्मा के घर पर 24 शव पहुंचे तो हर तरफ से विलाप और करुण क्रंदन सुनाई पड़ रहा था। दूर-दराज रहने वाले रिश्तेदार रोते-बिलखते हुए पहुंच रहे थे। जब अर्थियां एम्बुलेंस में रखकर रवाना होने ही वाली थी तो एक महिला दौड़ती हुई आई। वह चिल्ला रही थी..., मुझे मोनू नहीं दिख रहा है, मेरा मोनू कहां है, मुझे बताओ..., कोई तो बताओ...।

वह अपने कलेजे के टुकड़े का इधर-उधर तलाश रही थी। फिर एम्बुलेंस की ओर दौडऩे लगी तो दो महिलाओं ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन मां की ममता नहीं मानी और भीड़ के बीच दौड़ती आई। एम्बुलेंस में शवों से सफेद चादर हटाकर मोनू की तलाश करती रही। एक एम्बुलेंस के पास जाकर बोली भैय्या सही बताओ मेरा मोनू कहां है.., अर्थी को लेकर बैठे रिश्तेदारों ने कहा, मोनू यहां नहीं है.. तो वह नहीं मानी, वह एम्बुलेंस पर चढऩे लग गई। यह सब देखकर शव को लेकर बैठे परिजन की भी रुलाई फूट पड़ी.. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मृतकों के परिजनों का ढाढंस बंधाया ।

Published on:
26 Feb 2020 09:46 pm