कोटा

लोकसभा अध्यक्ष ने दु:ख बांटा, राहत कार्य तेजी से शुरू कराया

लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, सांगोद क्षेत्र में दो गांवों के टापू बनने की सूचना मिलते ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के आपदा विभाग से बात की। रात में ही मौके पर एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, लेकिन रात में रेस्क्यू कार्य नहीं हो सका है। सुबह फिर प्रयास शुरू किए। अब बचाव दलों के माध्यम से राहत दी जा रही है।

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Aug 07, 2021

कोटा. बाढ़ के कारण हालत बिगड़ते की लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दिल्ली से कोटा पहुंचे और शनिवार को सुबह से ही तेजी से राहत कार्य शुरू कराए। उन्होंने हैलीकॉप्टर से पहले सांगोद और बाद में केशवरायपाटन क्षेत्र के हालात का जायजा लिया। हर तरह के नुकसान को बरीकी से देखा और अधिकारियों को तेजी से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी मदद करने का अनुरोध किया। बिरला सांगोद में हालात का पूरा जायजा लेने के बाद केशवरायपाटन पहुंचे। यहां पिछले दिनों घर ढहने से 7 जनों की मृत्यु हो गई थी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को परिवार की मदद के निर्देश दिए। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। लोकसभा अध्यक्ष रविवार को हैलीकॉप्टर से इटावा क्षेत्र का जायजा लेंगे। बिरला को दिल्ली में जैसे ही कोटा-बूंदी में बाढ़ हालात की जानकारी मिली तो वे तत्काल सक्रिय हो गए। उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री, राजस्थान के गृह सचिव और आपदा विभाग के अधिकारियों से राहत पहुंचाने के लिए बात की। दिल्ली से कोटा आते समय भी ट्रेन में अधिकारियों से फीडबैक लेते रहे। बिरला ने कहा, बाढ़ में बहुत से परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पशु और फसल की हानि हुई है। कोटा-बूंदी के लोग उनका परिवार है, वे दु:ख की इस घड़ी में उनके साथ हैं। हर संभव मदद की जाएगी।

घरों का निर्माण करवाएंगे: बिरला
बिरला ने पत्रिका से बातचीत में कहा, ग्रामीण क्षेत्र में बहुत से लोगों के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जो परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए चयनित हैं, उनके घर जल्द बनवाएंगे। जो परिवार इस योजना के दायरे से बाहर हैं उनके घर भी जन सहयोग से फिर से बनवाएंगे। किसी को भी किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोकसभा अध्यक्ष से कोटा स्थित कैंप कार्यालय में संपर्क कर सकेंगे और फोन पर भी सूचना दे सकेंगे। उन्होंने कहा, जरूरतमंदों की मदद करना सामूहिक जिम्मेदारी है, इसलिए राज्य सरकार को भी आगे आना चाहिए।

हर नुकसान का सर्वे हो

बिरला ने कहा, वे यह प्रयास कर कर रहे हैं कि फसलों के नुकसान, क्षतिग्रस्त घर और अन्य नुकसान का सर्वे जल्द हो और मुआवजे की प्रक्रिया जल्द पूरी हो। बीमा कंपनियों के जल्द रिपोर्ट जाए ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।

रात से ही प्रयासों में जुटे रहे
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, सांगोद क्षेत्र में दो गांवों के टापू बनने की सूचना मिलते ही केन्द्रीय गृह मंत्रालय और राज्य के आपदा विभाग से बात की। रात में ही मौके पर एसडीआरएफ की टीम बुलाई गई, लेकिन रात में रेस्क्यू कार्य नहीं हो सका है। सुबह फिर प्रयास शुरू किए। अब बचाव दलों के माध्यम से राहत दी जा रही है।

बिरला के दौरे से बंधी उम्मीद
लोकसभा अध्यक्ष के बाढग़्रस्त क्षेत्र में दौरे किए जाने से लोगों को सहायता की उम्मीद बंधी है। उनके दौरे के दौरान लागों ने कहा, अब उनके परिवार के सदस्य और सांसद उनके बीच आ गए हैं, जल्द उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

Published on:
07 Aug 2021 06:25 pm
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