गुजरात चुनावों में युवा नेताओं से परेशान भाजपा ने राजस्थान में अभी से चुनावी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है।
गुजरात चुनावों में युवा मतदाताओं के आक्रोश का सामना कर रही भारतीय जनता पार्टी को डर है कि कहीं राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भी युवा मतदाता उसका चुनावी गणित ना बिगाड़ दें। इसलिए भाजपा ने युवाओं को साधने के लिए अभी से बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। युवाओं को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने यूथ चला बूथ अभियान की शुरुआत की है। जिसका प्रदेश संयोजक कोटा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह राजावत को बनाया गया है।
फजीहत से बचने का निकाला फार्मूला
सीआरपीसी एक्ट में संशोधन के जरिए भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने की कोशिश करने वाला बिल विधानसभा में लाने के बाद राजस्थान बीजेपी चौतरफा आलोचनाओं से घिर गई है। इससे पहले जयपुर में मंदिर तुड़वाने का मामला रहा हो या फिर युवाओं को रोजगार देने का मसला, सभी में बीजेपी की खूब फजीहत ही हुई है। छात्रसंघ चुनावों में भाजपा समर्थित छात्रनेताओं को छात्रों ने नकार दिया था। सिर्फ कोटा विश्वविद्यालय में ही छात्रसंघ अध्यक्ष समेत सभी पदों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को जीत हासिल हुई थी।
राजस्थान में शुरू होगा ये अभियान
राजस्थान में लगातार हो रही फजीहत और युवाओं के आक्रोश से निपटने के लिए पार्टी संगठन ने विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं को दोबारा पार्टी से जोड़ने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। जिसकी जिम्मेदारी भारतीय जनता युवा मोर्चा को सौंपी गई है। राजस्थान के युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए युवा मोर्चा 'युवा चला बूथ' अभियान चलाएगा। जिसके लिए भाजयुमो ने प्रदेश संयोजक और संभाग प्रभारियों के नाम की घोषणा कर दी है।
कोटा पर फिर जताया भरोसा
भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदें एक बार फिर कोटा पर ही टिकी हैं। इसीलिए पार्टी नेतृत्व ने युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए शुरू होने वाले युवा मोर्चा के यूथ चला बूथ अभियान का नेतृत्व भी कोटा के युवाओं के हाथ सौंपने का फैसला लिया है। कोटा देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष लोकेंद्र सिंह राजावत को इस अभियान का प्रदेश संयोजक बनाया गया है। वहीं विकास गुप्ता को बीकानेर संभाग का प्रभारी, निर्मल गहलौत को जयपुर, प्रखर कौशल को कोटा, सुरेश चौधरी को उदयपुर , हेमराज टोडावता को अजमेर , आइदान सिंह को जोधपुर और जयंत यादव को भरतपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। संभाग प्रभारियों को प्रदेश सह संयोजक की जिम्मेदारी भी दी गई है।