रेलवे के हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बदमाश रेलवे ट्रैक पर लूट करने में लगे थे और अफसर अपना स्वागत करवाने में।
कोटा-बीना रेल लाइन पर बुधवार रात अज्ञात बदमाशों ने खासा उत्पात मचाया। उन्होंने ट्रैक पर गैंगमैनों से मारपीट कर नकदी छीन ली वहीं एक मालगाड़ी के गार्ड पर पथराव किया। इसके अलावा मोतीपुरा चौकी रेलवे स्टेशन के गेट पर भी पथराव किया। बदमाशों के आतंक से रेलकर्मी दहशत में रहे। वहीं दूसरी ओर रेलवे बोर्ड की सख्ती के बावजूद कोटा के सीनियर डीसीएम का पदभार ग्रहण करने वाले अफसर वाणिज्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों से अपना स्वागत करवाने में ही जुटे रहे।
Read More:स्वाइन फ्लू का मर्ज पकड़ने में नाकाम रही सरकारी लैब, गलत रिपोर्ट ने ली दो लोगों की जान
बदमाशों ने 4 गैंगमैनों को लूटा
कोटा-बीना रेल लाइन पर स्थित मोतीपुरा चौकी रेलवे स्टेशन मास्टर वजीर सिंह व गेट संख्या 84 के प्वाइंटमैन विकास ने बताया कि बुधवार रात गश्त कर रहे 4 गैंगमैनों को अज्ञात चार-पांच बदमाशों ने पार्वती पुल पर रोका। इनसे मारपीट की व तीन जनों से मोबाइल व डेढ़ हजार रुपए छीन ले गए। दूसरी वारदात में उन्होंने मोतीपुरा थर्मल से कोयला खाली कर लौट रही मालगाड़ी के गार्ड पर गेट नंबर 83 पर पथराव किया। गार्ड ने बचाव में तुरंत गेट बंद कर लिया।
प्वाइंट मैन को पीटा
रात करीब सवा दो बजे तीसरी वारदात गेट नंबर 84 पर प्वाइंटमैन विकास के साथ की गई। वह गेट लगाकर कुर्सी पर बैठा था तो यहां बदमाशों ने उससे भी मारपीट की। उसने भागकर जान बचाई। बदमाशों ने मोतीपुरा चौकी मुख्य रेल्वे स्टेशन के नए गेट के कांच भी पथराव कर तोड़ दिए गए। आरपीएफ चौकी प्रभारी कालीचरण शर्मा ने बताया कि पार्वती पुल पर बाइक से आए कुछ शराबी गैंगमैनों को डरा-धमका गए और स्टेशन पर पत्थर फेंके। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे एवं बापचा पुलिस को भी जानकारी दे दी थी।
सीआरबी का पत्र बेअसर, गुलदस्तों से हुआ स्वागत
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष (सीआरबी) अश्विनी लोहानी ने कार्यभार संभालन के बाद रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर वीआईपी कल्चर और गुलदस्तों से दूर रहने की सलाह दी थी, लेकिन रेलवे अफसरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है। भारतीय रेल यातायात सेवा के अधिकारी विजय प्रकाश ने गुरुवार को कोटा सीनियर डीसीएम के पद का कार्यभार ग्रहण किया। इस दौरान वाणिज्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने उन्हें गुलदस्ते भेंट किए। पूरे दिन बे रोकटोक उनके स्वागत का दौर चलता रहा। हालांकि उन्होंने टीम वर्क के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाए देने को अपनी पहली प्राथमिकता बताया, लेकिन जब रेलवे के प्वाइंटमैन से मारपीट जैसी घटनाएं होती रहेंगी तब तक यह प्राथमिकता कैसे पूरी होगी इस पर सवाल उठने लगे हैं।