
कोटा। कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार है, जब कांग्रेस के नेता चुनावी माहौल के बीच कांग्रेस का हाथ छोड़कर जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव की घोषणा से अब तक एक हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े नेताओं के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इससे कांग्रेस में भीतरखाने चल रहे अंतर विरोध सामने आ रहा है। दल बदल से कांग्रेस के बड़े नेता भी सकते हैं। हालांकि भाजपा खेमा उत्साहित है, लेकिन भीतरघात की आशंका से पार्टी के नेता सतर्क है। संदिग्ध कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
लोकसभा चुनाव को लेकर इस बार दोनों ही दल आक्रामक रणनीति बनाकर चुनावी रण में उतरे हैं। भाजपा ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झौंक दी है। भाजपा प्रत्याशी के अलावा कोटा के दोनों मंत्री और दोनों विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में जनसम्पर्क में जुटे हैं। वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी के अलावा पार्टी के नेता भी अलग-अलग क्षेत्र में प्रचार में जुटे हैं।
कोटा दक्षिण महापौर राजीव अग्रवाल, पूर्व जिला प्रमुख सुरेन्द्र गुर्जर, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विजयसिंह राजू, शहर उपाध्यक्ष संदीप भाटिया, रामगंजमंडी से विधानसभा चुनाव लड़ चुके बाबूलाल मेघवाल समेत एक हजार से अधिक कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा दोनों निगम के एक दर्जन से अधिक पार्षद भाजपा में आ चुके हैं। कांग्रेस छोड़ने के पदाधिकारी अलग-अलग कारण बता रहे हैं। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के ऐनवक्त पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता व एआईसी के सदस्य रहे पंकज मेहता और पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा ने भी भाजपा का दामन थाम लिया था।
भाजपा की चिंता
कांग्रेस प्रत्याशी भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़े थे और होली के पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी के साथ पूर्व की भाजपा की बड़ी टीम जुटी हुई थी। ऐसे में भाजपा को चुनाव में भीतरघात की चिंता सता रही है। कांग्रेस प्रत्याशी की नामांकन रैली में कई भाजपा कार्यकर्ता व पूर्व पार्षद शामिल हुए थे। भाजपा ऐसे कार्यकर्ताओं को चिह्नित कर कार्रवाई की तैयारी में है।
अब तक कांग्रेस से एक हजार से अधिक कार्यकर्ता भाजपा में शामिल हो चुके हैं। कई और नेता भी सम्पर्क में हैं। पार्टी के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ताओं की सूची तैयार की जा रही है। जल्द कार्रवाई होगी।
राकेश जैन, जिलाध्यक्ष भाजपा
पार्टी छोड़कर जाने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस बारे प्रदेशाध्यक्ष को अवगत करवाया जा चुका है। भाजपा में जाने वाले पछताएंगे। भाजपा के कई पदाधिकारी सम्पर्क में हैं। जल्द कांग्रेस में शामिल होने वाले हैं।
रविन्द्र त्यागी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस