
झालावाड़. भवानीमंडी के गौतम नगर में सोमवार सुबह हुए घटनाक्रम ने मां की ममता को तार-तार कर दिया। कलयुगी मां ने अपनी ममता को मारते हुए नवजात बालिका को जन्म लेते ही मरने के लिए कचरे के ढेर में फेंक दिया। लेकिन, कहते हैं मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है। बच्चे के रोने की आवाज सुन ग्रामीणों ने नवजात को कचरे के ढेर से उठाया और पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को भवानीमंडी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसका उपचार चल रहा है। नवजात पूरी तरह से स्वस्थ बताई जा रही है। पुलिस ने लोगों की सहायता से गौतम नगर निवासी आरोपी मां की तलाश कर हिरासत में ले लिया है। फिलहाल नवजात को फेंकने के कारणों का खुलासा नहीं हो हुआ है, पूछताछ जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार गौतम नगर निवासी एक महिला सुबह 6 बजे करीब अपनी नवजात बालिका को कचरे के ढेर पटक कर चली गई थी। यहां गुजर रहे ग्रामीणों को रोने की आवाज सुनाई देने पर वे मौके पर पहुंचे तो नवजात कचरे के ढेर में पड़ी हुई थी। उसकी सांसे चल रही थी। उन्होंने गांव के लोगों को सूचना दी। जिसने भी घटना के बारे में सुना वह दौड़ता हुआ घटनास्थल पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने तुरंत बच्चे को उठाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नवजात को कस्बे के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार कर झालावाड़ अस्पताल रैफर कर दिया। बताया जा रहा है कि नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर लोगों की सहायता से आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।