कोटा. साल 2017 में जो प्रमुख घटनाएं हुई जो व्यक्ति के जेहन में हमेशा रहेगी। मई 2017 की प्रमुख घटनाओं की एक रिपोर्ट पत्रिका आपके समक्ष पेश कर रहा है।
कोटा .
साल 2017 गुजरने वाला है और नया साल 2018 शुरू होने वाला है। साल 2017 में जो प्रमुख घटनाएं हुई जो व्यक्ति के जेहन में हमेशा रहेगी। उन्ही प्रमुख घटनाओं की एक रिपोर्ट पत्रिका आपके समक्ष पेश कर रहा है। पेश है माह मई 2017 की प्रमुख घटनाएं -
02/05/17 कोर्ट में गिरा छत का प्लास्टर
2 मई की दोपहर जिला एवं सत्र न्यायाधीश केदारलाल गुप्ता के कक्ष में बैठक चल रही थी। इस दरम्यान कक्ष की छत का प्लास्टर भरभरा कर टेबल पर गिर गया। हादसे में जज गणेशाराम के सिर पर चोट आई। न्यायाधीश गुप्ता के बाएं हाथ में फ्रैक्चर हो गया। यह भवन रियासतकालीन है, पीडब्ल्यूडी के पास है। जर्जर होने के कारण यह हादसा हुआ।
04/05/17 साबित हुए फिसड्डी
मई माह में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने देश विभिन्न शहरों में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड जारी किया। इस में स्मार्ट सिटी में शामिल कोटा 515 शहरों में 341वें स्थान पर आया। रैंकिंग में पिछडऩे से नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई। मंत्रालय ने कोटा में प्रतिदिन एकत्र हो रहे 450 मीट्रिक टन कचरे में से 100 मीट्रिक टन कचरे के गायब होने पर सवाल उठाया।
12/05/17 यूं चले गए सगीर भाई
स्टेशन निवासी सगीर अहमद 12 मई को राह चलते एक सांड ने नीचे पटक दिया, उनकी मौत हो गई। पंक्चर की दुकान करने वाले सगीरभाई वाटर कूलर से पानी भरने गए थे। घटना ने शहरवासियों को हिला दिया। निगम के आवारा मवेशियों की रोकथाम में फेल होने की सब ने आलोचना की। इसके बाद भी लगातार कई लोग आवारा मवेशियों के आतंक का शिकार होते रहे, निगम निठल्ला रहा।
25/05/17 ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट
स्टेशन निवासी सगीर अहमद 12 मई को राह चलते एक सांड ने नीचे पटक दिया, उनकी मौत हो गई। पंक्चर की दुकान करने वाले सगीरभाई वाटर कूलर से पानी भरने गए थे। घटना ने शहरवासियों को हिला दिया। निगम के आवारा मवेशियों की रोकथाम में फेल होने की सब ने आलोचना की। इसके बाद भी लगातार कई लोग आवारा मवेशियों के आतंक का शिकार होते रहे, निगम निठल्ला रहा।