कोटा

Rajasthan: कांग्रेस MLA को मिला मंत्री किरोड़ीलाल मीणा का साथ, SDM पर भड़के; दी ये चेतावनी

Kirodi Lal Meena: कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस विधायक के धरने पर बैठने के मुद्दे को लेकर एसडीएम पर नाराजगी जताई।
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Nov 07, 2025
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मंत्री किरोड़ीलाल मीणा। फोटो: पत्रिका

कोटा। कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कांग्रेस विधायक के धरने पर बैठने के मुद्दे को लेकर एसडीएम पर नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करने वाले अफसरों का इलाज करूंगा। छत्रपुरा स्थित आदिवासी मीणा समाज छात्रावास में पंच परिवर्तन राष्ट्र जागरण विचार गोष्ठी के दौरान मंत्री किरोड़ी मीणा ने यह बात कहीं।

मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि फसल खराबे के मुआवजे को लेकर विधायक चेतन पटेल 30 तारीख को इटावा एसडीएम को ज्ञापन देने गए थे। जहां उनका ज्ञापन नहीं लिया गया। मेरे पास फोन आया कि एसडीएम ने ज्ञापन नहीं लिया। इस पर वे (चेतन पटेल) धरने पर बैठ गए। भूख हड़ताल चालू कर दी। मैंने चीफ सेक्रेटरी, कलक्टर से बात की।

जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करने वाले अधिकारियों का इलाज करूंगा

उन्होंने आगे कहा कि मुझे तो मदद नहीं करनी चाहिए थी, कांग्रेस का एमएलए था। लेकिन मैंने की, क्योंकि वह किसानों की हक की लड़ाई लड़ रहा था। किसानों की बात में कोई कांग्रेस-बीजेपी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा एसडीएम जो स्थिति बिगाड़े, यह नहीं चल सकता। जनप्रतिनिधि का सम्मान होना चाहिए। मैं ऐसे अफसरों का इलाज करवाऊंगा। मैं मुख्यमंत्री को कहूंगा।

मिलावटखोरों को छोड़ेंगे नहीं

किरोड़ी ने कहा कि एक दिन रात में फोन आया कि एक जगह नकली पनीर बनाया जा रहा है। पहले तो मैंने सोचा कि यह खाद्य विभाग का मामला है। खाद्य मंत्री को जांच करनी चाहिए। लेकिन मेरा मन नहीं माना और तय किया कि मैं भी मंत्री हूं, जांच के लिए जाना चाहिए और मैं चल दिया। बेचने से पहले नकली पनीर पकड़ लिया। हम मिलावटखोरों को नहीं छोड़ेंगे।

एक समाज से नेता नहीं बन सकते

किरोड़ी ने कहा कि कोई भी एक समाज से नेता नहीं बन सकता। राजनीति में सभी समाजों को साथ लेकर चलना होता है।

इनका कहना है

कांग्रेस कार्यकर्ता व किसान कार्यालय पर ज्ञापन देने आए थे। पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों के सामने लगभग आधा घंटे तक समस्याओं के संबंध में बात हुई। उन्होंने ज्ञापन नहीं दिया। धरना देने के बाद भी लगातार तीन-चार दिन तक पीपल्दा विधायक से मोबाइल पर ज्ञापन देने की बात हुई थी। ताकि उनकी बात को उच्च अधिकारियो तक पहुंचाया जा सके। लेकिन उन्होंने ज्ञापन देने से मना कर दिया। विधायक ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को ज्ञापन देने की बात कही थी।
-हेमंत घनघोर, उपखण्ड अधिकारी, इटावा

Updated on:
07 Nov 2025 01:50 pm
Published on:
07 Nov 2025 12:24 pm