नेशनल हाइवे से सुरेडा सर्विस लाइन से वाहन स्टेट हाइवे से होते हुए कस्बे से होकर वापस हाइवे पर चढ़ते हैं। ऐसे वाहनों का नए संवेदक द्वारा सर्वे करवाया जा रहा था। इस दौरान दो वाहनों का बगैर टोल पर गए भी फ़ास्टैग से पैसा कट गया।
कोटा सुकेत की बीड़ मंडी टोल प्लाजा पर गत 11 नवंबर से व्यवस्थाओं में बदलाव हुआ है। बदलाव के बाद से नए संवेदक ने वाहनों के सर्वे हेतु अपने कर्मचारियों को सुरेडा सर्विस लाइन पर तैनात किया था। इस दौरान जो वाहन टोल तक नहीं गए उनका भी पैसा उनके फास्टैग से कट गया। वाहन मालिकों ने इसकी शिकायत टोल मैनेजर को दर्ज करवाई है।
नेशनल हाइवे से सुरेडा सर्विस लाइन से वाहन स्टेट हाइवे से होते हुए कस्बे से होकर वापस हाइवे पर चढ़ते हैं। ऐसे वाहनों का नए संवेदक द्वारा सर्वे करवाया जा रहा था। इस दौरान दो वाहनों का बगैर टोल पर गए भी फ़ास्टैग से पैसा कट गया। पैसा कटने का पता वाहन चालकों को मध्यप्रदेश जाने के बाद मैसेज आने पर चला। वाहन चालक ने इसकी शिकायत दर्ज करवाई है। नए संवेदक के कर्मचारी वाहनों का सर्वे कर रहे थे। उसकी शिकायत पुलिस के पास भी पहुंची। पुलिस ने सर्वे कर रहे कर्मचारियों को थाने लाकर पूछताछ की।
गौरतलब है कि सुकेत नगर के वाहनों को कोटा और झालावाड़ जाने के लिए टोल पार करने की आवश्यकता ही नहीं है, क्योंकि टोल प्लाजा नगर से बिल्कुल अलग है और यहां के वाहनों के लिए दोनों स्थानों पर जाने के लिए अलग से मार्ग है। बावजूद इसके टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने सर्वे के बहाने वाहनों के नबर से करीब 50 किलोमीटर आगे निकल जाने के बाद पैसा काट लिया।
वाहन चालकों ने बताया कि टोल प्रबंधक ने सुकेत और जुल्मी ओवर ब्रिज पर अपने कर्मचारी नियुक्त कर रखे हैं। जिनका काम आते जाते वाहनों को रोककर वाहनों को टोल से गुज़रने की बात कह रहे है। वाहन चालक के नहीं मानने पर उनके वाहन के नंबर अंकित कर टोल प्लाजा पर सूचना देकर डिजिटल टोल कटवाया जा रहा है, हालांकि मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इसे 3 युवकों को हिरासत में लिया उसके बाद उनको पाबंद भी किया गया। नगर के समीप बने टोल नाके से टोल बचाने के लिए वाहन चालक अपने वाहनों को नगर से हो कर निकालते है। ऐसे में भारी वाहनों से दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है। नगरवासियों ने भारी वाहनों को टोल प्लाजा से होकर निकालने की मांग कर भी रखी है। क्योंकि भारी वाहनों से सड़क तो क्षतिग्रस्त हो ही रही है, दुर्घटनाओं का भी अंदेशा बना रहता है।
इस संबंध में टोल मैनेजर आरएस तोमर ने बताया कि वाहनों को जबरन नहीं रोका गया है। नया कार्य शुरू हुआ तो सर्वे किया जा रहा था कि लोकल के अतिरिक्त कितने वाहन टोल बचाने के लिए नगर से होकर गुजर रहे है। दूसरे राज्य के भारी वाहन भी नगर से प्रवेश करके टोल बचा रहे हैं, जबकि वो वाहन नेशनल हाइवे का उपयोग कर रहे है। हम सर्वे करके रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौपेंगे ताकि सरकार को राजस्व मिले। नगर से भारी वाहन निकलते समय दुर्घटना घटित हो जाती है तो टोल से ही जानकारी मांगी जाती है। ऐसे में जब वाहन टोल पर आएगा ही नहीं तो जानकारी कहा से देंगे। लोकल वाहनों को किसी प्रकार से नहीं रोका गया है।