
Monsoon Forecast Rana Pratap Sagar Dam: देश में मानसून की दस्तक में अभी एक सप्ताह की देरी है लेकिन चंबल नदी बांध परियोजना का बड़ा बांध राणा प्रताप सागर अपनी पूर्ण भराव क्षमता से महज 6 फीट खाली है। मानसून मेहरबान रहा तो यह बांध जून माह में ही छलक उठेगा। पूर्ण भराव क्षमता पर पहुंचते ही राणा प्रताप सागर पन बिजलीघर से विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।
मानसून की शुरुआत से विद्युत उत्पादन किया जाएगा तो अक्टूबर से हाड़ौती की लाइफ लाइन कही जाने वाली दायीं और बायीं नहरों में मार्च तक किए जाने वाले जलप्रवाह तक रिकार्ड बिजली उत्पादन का रिकार्ड बनेगा। रामगंजमंडी-पचपहाड़ और चंबल-भीलवाड़ा पेयजल योजना में भी निर्बाध जल आपूर्ति होगी।
सोमवार को राणा प्रताप सागर बांध का जलस्तर अपनी पूर्ण भराव क्षमता 1157.50 फीट के मुकाबले 1151.55 फीट मापा गया। मीटर गेज में तुलना करें तो बांध का जल स्तर 352.81 मीटर की क्षमता में 350.992 मीटर दर्ज़ किया है। पानी की आवक की वजह से राणा प्रताप सागर बांध में गांधी सागर बांध से विद्युत उत्पादन किया जाकर छोड़ा जा रहा पानी है। सोमवार को बांध में 2 हज़ार 923 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई थी।
बरसात एक नजर में
गांधीसागर बांध कैचमेंट में एक जून 2022 से अक्टूबर 22 तक 1173 मिमी और अब तक 1321 मिमी बरसात दर्ज़ हुई है। राणा प्रताप सागर बांध पर एक जून 2022 से अक्टूबर 22 तक 1405.20 मिमी और अब तक 1612.70 मिमी बरसात दर्ज़ हुई है।
सरसब्ज होगी हाड़ौती की फ़सलें
इस बार सामान्य बरसात का अनुमान है। कमजोर मानसून और कम बरसात भी होती है तब भी हाड़ौती को रबी फसलों के लिए राणा प्रताप सागर बांध से भरपूर पानी उपलब्ध होगा। इस बार राणा प्रताप सागर बांध की नहर का भी जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हो चुका है। सात किलोमीटर लंबी नहर 400 हेक्टेयर भूमि को रबी फसलों की सिंचाई के लिए जल प्रवाह को तैयार है।
गांधी सागर 18 फीट खाली
चंबल नदी का एक और बड़ा बांध गांधी सागर अपनी पूर्ण भराव क्षमता 1312 फीट के मुकाबले 1293.86 फीट मापा गया। गांधी सागर 18 फीट खाली है। इस बांध से लगातार विद्युत उत्पादन कर जल प्रवाह किया जा रहा है, जिससे राणा प्रताप सागर बांध में पानी की आवक हो रही है।