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राजस्थान में फिल्मी अंदाज में दबोचा पंजाब का कुख्यात ‘डोडा किंग’, काली डायरी से खुलेंगे ड्रग नेटवर्क के बड़े राज

टास्क फोर्स ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग रही तस्करों की कार का फिल्मी अंदाज में पीछा कर पंजाब के कुख्यात 'डोडा किंग' और 25 हजार रुपए के इनामी शातिर अपराधी बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर को दबोच लिया।
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कोटा

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Anil Prajapat

Jul 12, 2026

smuggler Baldev Singh

पंजाब का कुख्यात 'डोडा किंग' व जब्त अवैध डोडा पोस्त

कोटा। पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मदपाण्डुकी' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। टास्क फोर्स ने 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से भाग रही तस्करों की कार का फिल्मी अंदाज में पीछा कर पंजाब के कुख्यात 'डोडा किंग' और 25 हजार रुपए के इनामी शातिर अपराधी बलदेव उर्फ पम्मु उर्फ गोरा बाजीगर को दबोच लिया है।

गिरफ्तार तस्कर के पास से टास्क फोर्स ने करीब 84 किलोग्राम (83.930 किग्रा) अवैध डोडा पोस्त और तस्करी में प्रयुक्त दिल्ली नंबर की एक कार बरामद की है। जब्त किए मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 12 लाख 60 हजार रुपए है।कार्रवाई के दौरान पुलिस को तस्कर की एक 'काली डायरी' भी हाथ लगी है, जिससे अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के कई बड़े काले राज खुलने की उम्मीद है।

3 साल से था फरार, 25 हजार रुपए का था इनाम

महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि यह पकड़ा गया आरोपी बलदेव, निवासी पटियाला (पंजाब), पिछले 3 साल से फरार चल रहा था। वर्ष 2023 में कोटपुतली-बहरोड़ पुलिस की नाकाबंदी के दौरान वह अपनी गाड़ी और डोडा पोस्त छोड़कर भाग निकला था, जिसके बाद जिला पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। तस्कर बलदेव इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए वह हर बार नई गाड़ी और एक नया साथी लेकर आता था। पिछले महीने विराटनगर में उसने टीम को चकमा भी दे दिया था। उसका एक नियम था कि माल लेने मध्य प्रदेश जाने से पहले वह कोटा के बड़गांव स्थित गुरुद्वारे में मत्था टेककर पुलिस से बचने की मन्नत मांगता था।

मजदूरी छोड़ बना 'डोडा किंग'

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पांचवीं पास बलदेव शुरुआत में फसल कटाई के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश आता था। इसी दौरान वह चित्तौड़गढ़ के तस्करों के संपर्क में आया और मजदूरी छोड़ तस्करी के धंधे में उतर गया। वह राजस्थान-एमपी से सस्ते दामों में डोडा पोस्त खरीदकर पंजाब-हरियाणा में महंगे दामों में सप्लाई करता था और धीरे-धीरे पंजाब के तस्करों के बीच 'डोडा किंग' के नाम से मशहूर हो गया। फरारी के दौरान भी उसने धंधा बंद नहीं किया; वह हर महीने राजस्थान-एमपी के 8 चक्कर लगाता था और हर बार 80 से 90 किलो डोडा पोस्त पार कर देता था।

कई किलोमीटर तक किया पीछा

सूचना मिली तो टीम कोटा के बड़गांव गुरुद्वारे के बाहर बैठ गई। बलदेव मत्था टेककर जैसे ही मध्य प्रदेश में माल भरने निकला, टीम उसके पीछे लग गई। एमपी से माल लोड कर बलदेव जैसे ही मुंबई एक्सप्रेस-वे के रास्ते राजस्थान में घुसा, टीम ने उसे दबोचने का प्रयास किया। पुलिस को देख बलदेव ने गाड़ी कोटा-चेचट की तरफ मोड़ दी और 180 किमी/घंटा की रफ्तार से कार भगाने लगा। आरोपी गाड़ी को रावतभाटा रोड पर फाणदा गांव की तंग गलियों में ले गया। रास्ता बंद होने के कारण तस्कर की तेज रफ्तार कार एक दीवार से जा टकराई। कार टकराने के बाद बलदेव और उसका साथी उतरकर नदी बहाव क्षेत्र की घनी झाड़ियों की तरफ भागे। फाणदा गांव के ग्रामीण भी पुलिस की मदद के लिए दौड़ पड़े और पूरे इलाके को घेर लिया।