
Rajasthan Monsoon Update : राजस्थान में मानसून की बेरुखी ने किसानों के साथ सरकार की भी चिंता बढ़ा दी है। जल संसाधन विभाग ने भी माना है कि बांधों में जलस्तर चिंताजनक रूप से घट गया है। विभाग की ओर से 17 जुलाई को जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के कुल बांधों की वर्तमान जल संग्रहण क्षमता मात्र 45.43 फीसदी रह गई है। यह पिछले वर्ष 17 जुलाई की तुलना में काफी कमी है, जब यह क्षमता 63.20 फीसदी थी।
वहीं, 15 जून, 2026 को यह 44.46 फीसदी थी। मानसून आने के बाद भी पिछले एक माह में जलस्तर में मामूली वृद्धि हुई है। इधर राजस्थान सरकार ने मध्यप्रदेश सरकार को पत्र लिखकर हाड़ौती के किसानों की मांग पर गांधी सागर बांध से 4500 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की है हालांकि शुक्रवार को भी मध्यप्रदेश सरकार ने पानी नहीं बढ़ाया।
प्रदेश के कुल 693 बांधों में से 282 बांध पूरी तरह खाली हो गए हैं। 404 बांध आंशिक भरे हैं। केवल 7 बांध ही पूर्ण क्षमता पर हैं। जोधपुर जोन के 117 बांधों में सबसे कम 17.76 फीसदी, कोटा जोन के 81 बांधों में 56.18 फीसदी पानी है। वहीं जयपुर जोन में 47.56 फीसदी, भरतपुर जोन में 25.48 फीसदी, बांसवाड़ा जोन में 45.36 फीसदी और उदयपुर जोन में 36.60 फीसदी जल शेष है। प्रमुख बांधों में बीसलपुर बांध 66.85 फीसदी, राणा प्रताप सागर 66.39 फीसदी और माही बजाज सागर 46.29 फीसदी क्षमता पर हैं।
हालांकि राहत की बात यह है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश का दौर फिर तेज होने की उम्मीद है। बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) मानसून को गति दे सकता है। अगले 7 दिन में राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। 20 से 30 जुलाई के बीच मध्य और उत्तर भारत के बड़े हिस्से में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 21 जुलाई से कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है। इसके बाद 22-23 जुलाई से मध्य और पश्चिमी राजस्थान और 23 से 28 जुलाई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन अमृतसर, चंडीगढ़ और पटना से होकर गुजर रही है और कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल, झारखंड और आसपास के उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इसी कारण राजस्थान में मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है।
कुल लाइव स्टोरज क्षमता- 183.565 बीसीएम।
उपलब्ध पानी- 59.443 बीसीएम (32.38 फीसदी)।
पिछले साल की तुलना में पानी- 63.52 फीसदी।
सामान्य जल स्तर की तुलना में पानी- 7.62 फीसदी।