
कोटा. ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की योजना के क्रियान्वयन के लिए रेलवे की ओर से ट्रेक की क्षमता बढ़ाने के लिए मिशन रफ्तार योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है।
इसमें वाया कोटा होकर दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग भी शामिल है। इस योजना के साथ अब ट्रेक पर उच्च गति से दौडऩे वाली ट्रेन के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के जैसे ट्रेन सेटके उत्पादन की योजना बनाई गई है।
हर ट्रेन सेट में 16 कुर्सीयान कोच होंगे। निकट भविष्य में इस तरह के 44 ट्रेन सेट तैयार किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में इन ट्रेन सेट का निर्माण किया जाएगा। नए ट्रेन सेटों के उत्पादन होने से वाया कोटा होकर वंदे भारत श्रेणी की ट्रेन चलने की संभावना जगी है।
इस मार्ग पर मार्ग पर 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से टे्रन चलाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए रफ्तार परीक्षण भी किया जा चुका है। इन रेक के निर्माण में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की ओर से बताए गए सुधारों का ध्यान रखा जाएगा।
इस तरह का रेक परिचालन की सरलता और बेहतर यात्री सुविधा के साथ अधिक विश्वसनीय सेवा प्रदान करेगा। नए ट्रेन सेट के आने से यात्रा समय में 20 प्रतिशत समय की वास्तविक बचत होगी।
इन ट्रेन सेट में कुर्सीयान होने के कारण सभी कोच दिन की यात्रा के लिए उपयुक्तहोंगे। नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग, वडोदरा-अहमदाबाद नई दिल्ली-हावड़ा के साथ कानपुर-लखनऊ रेलमार्ग पर गाडिय़ों की गति 160 किमी प्रति घंटा तक बढ़ाने के लिए दो परियोजनाएं स्वीकृत हैं।
इन पर 13491.25 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। अवसंरचना सुधार संबंधी कार्य में नई दिल्ली-मुंबई और नई दिल्ली-हावड़ा के समूचे मार्ग पर सिग्नल व्यवस्था का अपग्रेडेशन और संरक्षा सुधार संबंधी उपाय शामिल हैं।