राज्य स्तरीय विज्ञान मेला, युवा छात्र वैज्ञानि‍कों के हुनर को देख हैरान रह गए दर्शक, दि‍खे भवि‍ष्‍य के गैजेट
कोटा . कैसा हो यदि एक मशीन स्विच ऑन करते ही आपके घर का सारा फर्श साफ कर दे। सरकारी बिजली महंगी मिल रही है तो क्यों न आप घर पर ही बिजली बना लें। इसके लिए आपको प्लांट नहीं लगाना, बल्कि केवल साइकिल की रिंग चाहिए। जी हां, यह सब पढकर चौंकने की जरूरत नहीं है। ये कमाल आपसे पहले ही प्रदेश के युवा छात्र वैज्ञानिकों ने कर दिखाया है। यह नजारे दिखे डीसीएम रोड स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग क्षेत्रीय कार्यालय में गुरुवार को एक दिवसीय राज्य स्तरीय विज्ञान मॉडल एवं टीचिंग एड प्रतियोगिता के दौरान। जहां राज्य के सभी जिलों से चयनित 45 मॉडल प्रदर्शित किए। इसमें वेस्ट मेटेरियल व मेट्रो सिटी पर आधारित अलग-अलग मॉडल प्रदर्शित किए गए।
ये मॉडल हुए प्रदर्शित
जोधपुर से आए मोहित ने ट्रांजेक्ट इलेक्ट्रीक सिटी बस का मॉडल प्रस्तुत किया। जिसमें बताया कि फ्लाईओवर के ऊपर ही एडवांस ट्रैक का प्रयोग करते हुए इस बस को चलाया जा सकता है। इस बस में पांच सौ यात्री सफर कर सकते हैं। इसमें खास बात यह है कि इसमें फ्लाईओवर पर चलने वाले अन्य वाहन आसानी से निकल सकते है। इस तरह की बसें यूएस में चलती है। जोधपुर के छात्रों ने साइकिल की रिंग से बिजली बनाने, कोटा के छात्र जितेन्द्र मीणा ने ऑटोमेटिक फ्लोर क्लीनर, उदयपुर के रजत व शुभ ने वाशिंग मशीन व आटा चक्की, जोधपुर की तनिशा अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी, विक्रम जिंगर ने सोलर एनर्जी एण्ड फू्रड प्रिविएशन, कोटा के जितेन्द्र मीणा ने ऑटोमेटिक फ्लोर क्लीनर मॉडल प्रदर्शित किए।
पश्चिम भारत विज्ञान मेले में होंगे प्रदर्शित
जयपुर के परियोजना अधिकारी संजीव सिंघल ने बताया कि निर्णायक के रूप में वरिष्ठ भू जल वैज्ञानिक डॉ. विवेक नरायण भावे, कोटा विश्वविद्यालय की भौतिकी विभाग डॉ. अंकित शर्मा, डॉ. पल्लवी शर्मा, डॉ. आशुरानी थे। चयनित मॉडलों में 3 व्यक्तिगत, 3 टीम मॉडल एवं 3 मॉडल टीचिंग एड का चयन 30वीं पश्चिमी भारत विज्ञान मेला में भाग लेने के लिए चयन किया गया। अन्त में सभी चयनित प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय तृतीय एवं दो सांत्वना को क्रमश: 1000, 700, 500, 100 एवं प्रमाण पत्र व मेडल देकर पुरस्कृत किया गया।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी उपकरण
बीकानेर की छात्रा महक व्यास ने बताया कि महिला की सुरक्षा को देखते हुए सेफ फेस फोर वन मॉडल बनाया है। इसमें लाइटर को कन्वेटर से बनाया गया। इसमें स्वीच ऑन करने पर मात्र किसी व्यक्ति को छूने से 10 से 15 मिनट में वह बेहोश हो जाएगा और महिलाएं आसानी से बच कर निकल सकती है। परियोजना अधिकारी भुवनेश कुमार शर्मा ने बताया कि सातों संभाग के लगभग 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। व्यक्तिगत एवं टीम मॉडल कुल मिलाकर 30 मॉडल व 11 टीचिंग एड का प्रदर्शन किया गया।